नई दिल्ली-वाराणसी हाई स्पीड रेल कॉरिडोर के लाइट डिटेक्शन एंड रेजिंग सर्वे (लिडार) तकनीक से सर्वेक्षण का ट्रायल सफल रहा। ट्रायल के जरिए हेलीकाप्टर पर लगे उपकरण की तैयारियों को परखा गया। रविवार से शुरू होने वाले एरियल लिडार सर्वे को मौसम की खराबी के चलते फिलहाल अगले कुछ दिनों के लिए प्रस्तावित कर दिया गया है। इस बीच, नेशनल हाई स्पीड रेल कारर्पोरेशन लिमिटेड के अधिकारियों ने हेलीकाप्टर से उड़ान भरकर तैयारियों को परखा।
लिडार तकनीक से 3-4 माह में नई दिल्ली-वाराणसी हाई स्पीड रेल कॉरिडोर के भूमि का काम पूरा हो जाएगा। इसके पूरा होने के बाद ही टेंडर आदि की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। हेलीकाप्टर पर लगे उपकरण के सहारे सटीक सर्वेक्षण का आंकड़ा, लेजर आंकड़ा, जीपीएस, उड़ान और तस्वीरों को इकट्टा करने में यह काम आसान करती है।