तमाम प्रयास के बाद भी आठों विधानसभा क्षेत्र में जातिगत लड़ाई दिख रही है। जाति के वोटरों को सहेजने के लिए प्रमुख पार्टियों ने अपने रणनीतिकारों को लगा दिया गया है ताकि वोटों के बिखराव को रोका जा सके। हालांकि आठों विधानसभा क्षेत्रों की तस्वीर आज नाम वापसी के बाद ही साफ होगी।
आज नाम वापसी के साथ ही प्रत्याशियों को चुनाव चिह्न आवंटित कर दिए जाएंगे। वाराणसी में इस बार चुनाव में किसी को मूसल चुनाव चिह्न मिलेगा तो कोई भाला फेंकेगा। विधानसभा चुनाव के लिए निर्वाचन आयोग की ओर से 197 चुनाव चिह्न आवंटित किए गए हैं।
जिला निर्वाचन अधिकारी कौशल राज शर्मा ने बताया कि प्रत्येक निर्दलीय प्रत्याशी नामांकन के वक्त अपनी पसंद के तीन विकल्प उपलब्ध कराए थे। इन विकल्पों में से उसे एक चुनाव चिह्न आवंटित कर दिया जाएगा।
उन्होंने बताया, इस तरह अगर किसी प्रत्याशी को पहले नंबर का चुनाव चिह्न आवंटित किया जा चुका है तो अन्य विकल्पों का चुनाव चिह्न दिया जाएगा। सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी दयाशंकर उपाध्याय ने बताया कि राष्ट्रीय और राज्य की पार्टियों को छोड़ दिया जाए तो निर्दलीय प्रत्याशियों को ही चुनाव चिह्न मिलेंगे।
मूसल और खरल, पेट्रोल पंप, फोन चार्जर, तकिया, अनानास, करनी, खाने से भरी थाली, प्लेट स्टैंड, हांडी, प्रेशर कूकर, पंचिंग मशीन, रेजर, रेफ्रीजरेटर, अंगूठी, रोड रोलर, रोबोट, रूम कूलर, रूम हीटर, रबर की मुहर, सेफ्टी पिन, आरी, स्कूल का बस्ता, कैंची, सिलाई की मशीन, पानी का जहाज, जूता, शटर, सितार, कूदने की रस्सी, स्लेट, साबुनदानी, जुराबें, सोफा, स्पैनर, स्टेपलर, स्टेथोस्कोप, स्कूल, स्टंप्स, झूला, स्विच बोर्ड, सिरिंज, टीवी रिमोट, मेज, चाय छलनी, टेलीफोन, टेलीविजन, टेनिस बल्ला व गेंद, टेंट, भाला फेंक, टीलर, टाफियां, चिमटा, दांत ब्रश, टूथपेस्ट्र ट्रे, त्रिभुज, ट्रक, तुरही, ट्यूबलाइट, टाइप मशीन, टायर, वैक्यूम क्लीनर, वायलिन, छड़ी, दीवार खूंटी, बटुआ, अखरोट, तरबूज, पानी का टैंक, कुंआ, हाथ रेहड़ी, सीटी, खिड़की, सूप, ऊन व सिलाई, नागरिक, कूड़ादान आदि का निशान तय किया गया है।