फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

यूपी चुनाव 2022: पीएम मोदी और अखिलेश के गढ़ से पूर्वांचल की नब्ज टटोलेंगे अमित शाह, भाजपा के चुनावी अभियान का कर सकते हैं शंखनाद

Mon, 01 Nov 2021 12:47 PM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

गृह मंत्री अमित शाह का लखनऊ दौरा पूरा होने के साथ ही पूर्वांचल प्रवास की रणनीति तैयार की गई है। वो 12 नवंबर को वाराणसी आएंगे और एक दिन में आठ से ज्यादा बैठकें लेंगे।
विज्ञापन
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

पूर्वांचल की सियासत को बारीकी से समझने वाले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आजमगढ़ और वाराणसी में प्रवास कर यहां की सियासी नब्ज टटोलेंगे। विधानसभा चुनाव से पहले बूथ स्तर तक भाजपा कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने के लिए वाराणसी में 12 नवंबर को एक दिन में आठ से ज्यादा बैठकें लेंगे। इसके साथ ही सपा मुखिया अखिलेश यादव के संसदीय क्षेत्र आजमगढ़ में 13 नवंबर को रैली कर भाजपा के चुनावी अभियान का शंखनाद भी कर सकते हैं।
विज्ञापन


गृह मंत्री अमित शाह का लखनऊ दौरा पूरा होने के साथ ही पूर्वांचल प्रवास की रणनीति तैयार की गई है। इसमें अलग-अलग सांगठनिक बैठकों के साथ ही समाज में पैठ रखने वाले लोगों के साथ भी वे चर्चा करेंगे। इस दौरान काशी क्षेत्र के 71 विधानसभा सीटों पर सक्रिय दावेदार, पूर्व प्रत्याशी, विधायक सहित अन्य लोगों की रिपोर्ट कार्ड की भी समीक्षा करेंगे।

दरअसल, अमित शाह ने भाजपा के प्रदेश प्रभारी के रूप में यूपी की सियासत पर मजबूत पकड़ बनाई थी। यही कारण है कि वर्ष 2014 के लोकसभा और वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में उनकी रणनीति के चलते भाजपा ने पूर्वांचल में क्लीन स्वीप की स्थिति बनाई। वर्ष 2019 में भी उन्होंने पूर्वांचल के लिए विशेष रणनीति के साथ काम किया था और विरोधियों को मात दी थी।
विज्ञापन

पढ़ेंः टीएमसी में शामिल होने के बाद ललितेश बोले: करेंगे आदर्श की राजनीति, नवंबर में बनारस आएंगी सीएम ममता बनर्जी
विज्ञापन

राजभर मतों को साधने के साथ ही जातीय समीकरण को साधने की कवायद

विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुटी भाजपा ने प्रबंधन के लिए प्रभारी नियुक्त किए हैं और हर सीट पर जीत-हार का आकलन किया जा रहा है। ऐसे में माना जा रहा है कि अमित शाह पूर्वांचल की कमान खुद संभालेंगे। यहां बता दें कि काशी क्षेत्र की 71 सीटों पर वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 55 सीटों पर जीत दर्ज की थी।

इस बार सुभासपा ने अपना नाता तोड़ लिया है और सपा के साथ खड़ी दिखाई दे रही है। ऐसे में भाजपा राजभर मतों को साधने के साथ ही जातीय समीकरण को साधने की कवायद में है। भाजपा के उच्च पदस्थ सूत्र बताते हैं कि अमित शाह के दौरे के बाद पूर्वांचल में आगामी कार्यक्रमों की रणनीति भी तय होगी।
पढ़ेंः पूर्व विधायक राम इकबाल ने अपनी ही सरकार को बताया किसान विरोधी, कहा- ओपी राजभर को कम आंकना भाजपा की भूल
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें