वाराणसी एयरपोर्ट के बाहर अजय राय
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अजय राय ने कहा कि भाजपा में क्या है, जो आप को गाली देता रहा। आप को मठ में भेजता रहा आप को गुजरात भेजता रहा। आज आप ने उसे अपने गठबंधन में ले लिया। उसे माला पहना रहे हैं और उसका स्वागत कर रहे हैं। पहले भाजपा को अपने गिरेबां में झांकना चाहिए। यह पूछने पर कि सबसे बड़ा मुद्दा क्या है इसपर अजय राय ने कहा कि प्रदेश में जो माहौल बनाया जा रहा है वही मुद्दा है। बेरोजगारी, महंगाई और जो डरा कर अपने साथ लेने का जो माहौल चल रहा है। ईडी-सीबीआई का डर दिखा कर लोगों को अपने साथ जोड़ा जा रहा है।
अजय राय ने खुद को राहुल गांधी का सिपाही और कार्यकर्ता बताया। कहा कि जो लड़ाई पूरी मजबूती के साथ भाजपा और नरेंद्र मोदी के खिलाफ लड़ा था अब इसे चंदौली से गाजियाबाद तक लड़ा जाएगा। लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की जीत होगी। अजय राय ने अपने पहले कदम के बारे में बताते हुए कहा कि वे आम कार्यकर्ता और साधारण व्यक्ति हैं। बताया कि सबसे पहले गाजीपुर शहीदों को नमन करने जा रहे हैं। ये लगातार संघर्ष करने का परिणाम है कि आज यह पद मिला है।
अजय राय बने कांग्रेस यूपी के प्रदेश अध्यक्ष
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कांग्रेस हाईकमान ने अब तक कांग्रेस के प्रांतीय अध्यक्ष रहे पूर्व विधायक अजय राय को प्रोन्नति देते हुए प्रदेश अध्यक्ष बनाया है। पार्टी शीर्ष नेतृत्व की ओर से लोकसभा चुनाव से ठीक पहले किए गए इस बदलाव को सियासी नजरिये से अहम माना जा रहा है। पूर्व विधायक राय को जुझारू नेता के रूप में पहचाना जाता है। खासतौर से वह पूर्वांचल में मजबूत पकड़ रखते हैं। अजय राय ने 2012 में कांग्रेस का हाथ थामा और उसी साल विधानसभा उपचुनाव में वाराणसी की पिंडरा सीट से पांचवी बार विधायक बने। इसके बाद से लगातार कांग्रेस में रहे। अजय राय 27 वर्ष की उम्र में ही 1996 में पहली बार भाजपा के टिकट पर विधायक बने थे। इसके बाद वह 2002 एवं 2007 में भी भाजपा के टिकट पर जीते। 2009 में भाजपा से सपा में शामिल हो गए।
पं. कमलापति त्रिपाठी के बाद पहली बार किसी नेता को उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष के रूप में पूरे प्रदेश की कांग्रेस की कमान संभालने का मौका मिला है। अजय राय पर कांग्रेस को प्रदेश में फिर खड़ा करने की चुनौती होगी, क्योंकि अब कांग्रेस को खोने के लिए यहां कुछ भी नहीं बचा है।