फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

UP budget 2023: युवा अधिवक्ताओं को भाया सरकार का बजट, बोले- 'बुजुर्ग अधिवक्ताओं के लिए भी गंभीरता से सोचा जाए'

Thu, 23 Feb 2023 02:45 PM IST
किरन रौतेला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

प्रदेश सरकार ने बजट में घोषणा की है कि युवा अधिवक्ताओं के लिए कॉर्पस फंड हेतु पांच करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। सरकार की इस घोषणा का जिले के अधिवक्ताओं ने स्वागत किया है।
विज्ञापन
युवा अधिवक्ताओं को भाया सरकार का बजट - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

प्रदेश सरकार ने बजट में घोषणा की है कि युवा अधिवक्ताओं को वकालत के शुरुआती तीन वर्षों में किताब और पत्रिकाएं खरीदने के लिए आर्थिक सहायता दी जाएगी। इसके लिए 10 करोड़ रुपये प्रस्तावित है। इसके अलावा युवा अधिवक्ताओं के लिए कॉर्पस फंड हेतु पांच करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। सरकार की इस घोषणा का जिले के अधिवक्ताओं ने स्वागत किया है।

विज्ञापन


 

प्रभुनरायण पांडेय, अध्यक्ष, सेंट्रल बार एसोसिएशन। - फोटो : अमर उजाला
प्रदेश सरकार ने अधिवक्ताओं के लिए एक अच्छी और ठोस पहल की है। अधिवक्ता समाज इसके लिए प्रदेश सरकार का आभारी हैं। इसी तरह से बुजुर्ग अधिवक्ताओं के लिए भी ठोस व्यवस्था सरकार को करना चाहिए। - प्रभुनरायण पांडेय, अध्यक्ष, सेंट्रल बार एसोसिएशन। 







 

विनोद कुमार पांडेय, सदस्य, उत्तर प्रदेश बार काउंसिल। - फोटो : अमर उजाला
प्रदेश सरकार का कदम स्वागत योग्य है। मगर, अधिवक्ताओं का जो कॉर्पस फंड है उसको और बढ़ाया जाना चाहिए। अधिवक्ताओं की संख्या प्रदेश में बहुत ज्यादा है और फंड की व्यवस्था बहुत ही प्रस्तावित है। - विनोद कुमार पांडेय, सदस्य, उत्तर प्रदेश बार काउंसिल।
 

वरुण प्रताप सिंह प्रिंस, अधिवक्ता। - फोटो : अमर उजाला
प्रदेश सरकार ने युवा अधिवक्ताओं के लिए बहुत अच्छा निर्णय लिया है। प्रदेश की सभी कचहरी को टीनशेड मुक्त कर साफ-सफाई और पेयजल व्यवस्था जैसी मूलभूत सुविधाओं पर भी ध्यान दिए जाने की जरूरत है। - वरुण सिंह प्रिंस, अधिवक्ता।

 
विज्ञापन

अंशुमान त्रिपाठी, अधिवक्ता - फोटो : अमर उजाला
अधिवक्ताओं पर सरकारों का ध्यान कम ही जाता है। प्रदेश सरकार की यह पहल अच्छी है। इसी तरह से अधिवक्ताओं की स्वास्थ्य सुविधाओं सहित उनके रोजमर्रा के जीवन से जुड़े अन्य सभी क्षेत्रों पर भी ध्यान दिए जाने की जरूरत है। - अंशुमान त्रिपाठी, अधिवक्ता
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें