मिशन के तहत बसंतपट्टी, दानगंज उमरहां, फूलपुर, गोबरहां, बरियासनपुर, बरजी, बरथरा, लोहता, तेवर, कल्लीपुर, पूरे, करधना, राजवारी, पहाड़पुर, महमूदपुर, नई बाजार, पियरी, हरदासीपुर देवरिया, चिरईगांव, भीखमपुर, खरदहापुर आदि गांवों में कार्य करना है। दूसरे चरण में ग्रामीण क्षेत्र की पुरानी पेयजल टंकियों की मरम्मत के साथ ही नई टंकियों का निर्माण किया जाएगा।
वहीं, जिन बस्तियों में पेयजल पाइपलाइनें नहीं पहुंची हैं वहां पर नई पाइपलाइन का कार्य होगा। नए नलकूप लगाए जाएंगे। यह कार्य लघु सिंचाई विभाग कराएगा। लघु सिंचाई के अधिशासी अभियंता विनोद यादव ने कहा कि पेयजल का फायदा ग्रामीण इलाकों को मिलेगा। इसके लिए सर्वे जारी है। जल निगम के मुख्य अभियंता एके पुरवार ने बताया कि 22 हजार कनेक्शन किया गया है। बजट में जल जीवन मिशन का फायदा यहां के लोगों को मिलेगा।
मुफ्त पानी से 694 गांवों की बदलेगी तस्वीर
प्रदेश सरकार ने गांव के समग्र विकास को ध्यान में रखकर बजट में प्रावधान किया है। इससे बनारस के 694 गांव की तस्वीर आने वाले दिनों में बदलेगी। बजट से गांव के हर घर को बिजली, हर गांव को सड़क, हर हाथ को काम और हर गांव को डिजिटल बनाने का संकल्प पूरा होगा। किसानों को मुफ्त पानी की सुविधा देने के लिए की बजट व्यवस्था की गई है।
उसका बनारस के किसानों को फायदा होगा। अधिकारियों ने बताया कि कोरोना काल को देखते हुए जिस प्रकार का बजट पेश किया गया है। यह एक तरीके से संतुलित बजट है। गांव की तस्वीर बदलेगी। किसानों की कई समस्याओं का अंत होगा। सोलर पंप के अलावा बिजली से जुड़ी समस्याओं का भी समाधान होगा गांव की सड़कें बनाई जाएंगी।