यूपी बोर्ड की परीक्षा देने वाले छात्र-छात्राओं का इंतजार खत्म हो गया है। इस बार हाईस्कूल और इंटरमीडिएट दोनों के परिणाम रविवार को एक साथ आए। इंटरमीडिएट में गाजीपुर की अनन्या ने दूसरा स्थान पाया है। अनन्या लॉर्डस स्कूल की छात्रा हैं। यूपी बोर्ड की परीक्षाएं छह फरवरी से शुरू होकर 12 मार्च तक संचालित की गई थी। आगे की स्लाइड्स में देखें...
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परिणाम
- फोटो : amar ujala
बनारस में हाईस्कूल के 60,627 और इंटरमीडिएट में 53,590 परीक्षार्थी पंजीकृत थे। इस बार बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने परीक्षा छोड़ दी थी।
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यूपी बोर्ड
- फोटो : SOCIAL MEDIA
इसके अलावा परीक्षा में कड़ाई के कारण रिजल्ट खराब होने की आशंका से कई परीक्षार्थी तनाव में हैं। इसको लेकर मनोवैज्ञानिकों ने अभिभावकों को सलाह दी है।
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रिजल्ट के बाद खुशी मनाते छात्र
- फोटो : अमर उजाला
मनोवैज्ञानिक डॉ. अजय तिवारी का कहना है कि बोर्ड परीक्षा को लेकर टेंशन होना लाजमी है। इस दौरान कई बच्चों को नींद और भूख न लगने की समस्या हो जाती है। कई अभिभावक ऐसी ही शिकायतों के साथ आ रहे हैं। अभिभावकों और बच्चों को यही सलाह है कि वो रिजल्ट को लेकर तनाव में बिल्कुल भी न रहें।
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रिजल्ट के बाद खुशी मनाती छात्राएं
- फोटो : अमर उजाला
रिजल्ट जो भी हो उसे सहजता से स्वीकार करें। कम अंक का मतलब यह कतई नहीं कि आपका बच्चा कमतर है। बस जरूरत है उसे सही मार्गदर्शन और प्रोत्साहन की। अगर रिजल्ट अच्छा नहीं है तो अभिभावकों की जिम्मेदारी है कि वो बच्चों को प्यार से समझाएं। उनका मनोबल बढ़ाएं।
बहराइच में रविवार को हाईस्कूल व इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षा के परिणाम आने के बाद बाल शिक्षा निकेतन स्कूल में जीत का जश्न मनातीं मेधावी छात्राएं।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
हाईस्कूल के रिजल्ट का करियर पर उतना असर नहीं होता जितना इंटरमीडिएट का। ये अभिभावकों के साथ बच्चों को भी समझना होगा।