पुनरीक्षित मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन गुरुवार को किया गया। पुनरीक्षित मतदाता सूची के अनुसार पुनरीक्षण के दौरान जिले की आठों विधानसभा क्षेत्रों में एक लाख 22 हजार 509 नए मतदाताओं के नाम जोड़े गए।
वहीं, मौत या कहीं अन्यत्र चले जाने के कारण और दो बार नाम होने के कारण सूची से 68974 मतदाताओं के नाम हटा दिए गए हैं। अब जिले में मतदाताओं की संख्या 27 लाख 79 हजार 163 हो गई है जबकि पूर्व में 27 लाख 25 हजार 628 मतदाता थे।
जिला निर्वाचन अधिकारी/जिलाधिकारी योगेश्वर राम मिश्र ने बताया कि पुनरीक्षित निर्वाचक नामावली का अंतिम प्रकाशन हो गया है।
19 जनवरी तक फोटोयुक्त निर्वाचक नामावलियों का प्रकाशन निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी कार्यालय, जिला निर्वाचन कार्यालय और संबंधित तहसील कार्यालयों पर आमजन के लिए नि:शुल्क किया जाएगा।
अंतिम प्रकाशन के अनुसार जिले में अब पुरुष मतदाता 15 लाख 35 हजार 224, महिला मतदाता 12 लाख 43 हजार 815 और थर्ड जेंडर मतदाताओं की संख्या 124 है। बताया कि जो लोग अभी तक मतदाता सूची में नाम नहीं जुड़वा पाए हैं वे 13 जनवरी से 16 फरवरी तक जिला निर्वाचन कार्यालय, तहसील और बीएलओ से फार्म छह लेकर आवेदन कर सकते हैं।
विधानसभा-पुरुष मतदाता-महिला मतदाता-थर्ड जेंडर- कुल मतदाताओं की संख्या
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- फोटो : demo pic
पिंडरा-186008-155104-11-341123
अजगरा-181304-153847-14-335165
शिवपुर-188266-152427-03-340696
रोहनिया-211217-166286-21-377524
शहर उत्तरी-211164-170300-28-381492
शहर दक्षिणी-156517-122799-16-279332
कैंट-226895-179579-19-406493
सेवापुरी-173853-143473-12-317338
पुनरीक्षित सूची के अनुसार जिले की आठों विधानसभाओं में सर्वाधिक मतदाता कैंट विधानसभा क्षेत्र में चार लाख छह हजार 493 है। वहीं, सबसे कम मतदाता शहर दक्षिणी विधानसभा में दो लाख 79 हजार 332 है।
पुनरीक्षण के दौरान सर्वाधिक 18963 मतदाता शिवपुर विधानसभा क्षेत्र में जुड़े जबकि सबसे कम 12201 मतदाता कैंट विधानसभा क्षेत्र में जुड़े। इसी तरह पुनरीक्षण के दौरान सर्वाधिक 11699 मतदाता शहर दक्षिणी विधानसभा क्षेत्र की सूची से हटाए गए जबकि सबसे कम 5830 मतदाता शिवपुर विधानसभा क्षेत्र की सूची से हटाए गए।
जिला निर्वाचन अधिकारी का निर्देश था कि अंतिम प्रकाशन के लिए नियत तिथि पर बीएलओ मतदाता सूची लेकर बूथोें पर पहुंचेंगे।
मगर, गुरुवार को दो बजे के बाद भी बीएलओ बूथों तक नहीं पहुंच सके थे। इसके चलते मतदाताओं को परेशान होना पड़ा। इसके साथ ही ऑनलाइन मतदाता सूची भी अपडेट नहीं की जा सकी थी।