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Varanasi News: बीएचयू में आयुर्वेद के अध्ययन और अनुसंधान में बेजोड़ अवसर

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कुलपति प्रो. सुधीर कुमार जैन ने कहा कि आयुर्वेद संकाय में अपार संभावनाएं व क्षमताएं हैं, जिनका भरपूर इस्तेमाल करने के लिए अभी काफी काम करने की जरूरत है। बीएचयू में आयुर्वेद के अध्ययन व अनुसंधान में बेजोड़ संभावनाएं और अवसर हैं। वह शुक्रवार को संकाय स्थित धन्वंतरि सभागार में शिक्षकों से संवाद कर रहे थे। कुलपति ने कहा कि आधुनिक विज्ञान व चिकित्सा की विभिन्न विधाओं के साथ आयुर्वेद का अनुसंधान न सिर्फ विश्वविद्यालय को प्रतिष्ठा की नई ऊंचाइयों पर ले जा सकता है बल्कि भारतीय ज्ञान भंडार को वैश्विक पटल पर स्थापित करने में भी भूमिका निभा सकता है। आधुनिक विज्ञान की विभिन्न विधाओं के साथ इंटर-डिसिप्लिनरी शोध का वातावरण बीएचयू को दुनिया में अनूठा संस्थान बनाता है। ऐसे में हम अपनी क्षमता को पहचाने और इसके अनुरूप कार्य करें। कुलपति ने संकाय सदस्यों की विभिन्न चुनौतियों, चिंताओं व समस्याओं को सुना। कहा कि इस दिशा में गंभीरता से काम किया जा रहा है। प्रो. जैन ने कहा कि हमें एक स्वस्थ और सकारात्मक कार्यस्थल और विश्वविद्यालय की संकल्पना को साकार करने के लिए एकजुट होकर प्रयास करने होंगे।
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ऐसा वातावरण जहां खोज समस्याओं का हो समाधान
कुलपति ने कहा कि हम एक व्यक्ति के तौर पर बहुत अच्छे इंसान हो सकते हैं, लेकिन आवश्यक यह है कि हम एक टीम के सदस्य के रूप में भी अच्छे और प्रभावी बने रहें। ऐसे वातावरण का निर्माण करने में योगदान दें, जहां सभी लोग आपस में बैठकर जटिल से जटिल समस्याओं का भी समाधान खोज लें। वहीं, संकाय सदस्यों ने स्थान की कमी, प्रयोगशालाओं का आधुनिकीकरण, तकनीकी व अन्य कर्मियों की कमी, ओपीडी के समय व स्थान, पुस्तकालय, पुराने भवन की मरम्मत जैसे विषय उठाए। कुलपति ने कहा कि विश्वविद्यालय में सुचारू व गुणवत्तापरक पठन-पाठन व शोध के लिए धन व संसाधनों की कमी नहीं होने दी जाएगी। उन्हें युवा संकाय सदस्यों से काफी उम्मीदें हैं। इस दौरान आयुर्वेद संकाय प्रमुख प्रो. कमल नयन द्विवेदी, प्रो. पीके गोस्वामी उपस्थित रहे।
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