फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Varanasi News: काशी में बोलीं केंद्रीय एमएसएमई राज्यमंत्री, तकनीक अपनाकर छोटे- छोटे क्लस्टर बनाएं महिला उद्यमी

Sat, 27 Sep 2025 04:24 PM IST
प्रगति चंद अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

मंत्री ने बैठक में एमएसएमई क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए सरकार की ओर से दी जा रही सुविधाओं के बारे में बताया। महिला उद्यमियों से तकनीक का उपयोग कर छोटे-छोटे क्लस्टर बनाने का आह्वान किया।
विज्ञापन
केंद्रीय राज्यमंत्री शोभा राजकलंदराजे - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

देश की अर्थव्यवस्था में इस समय पहले नंबर पर कृषि है, तो दूसरे नंबर पर एमएसएमई है। कृषि और एमएसएमई दोनों एक दूसरे पर निर्भर हैं। देश में 30 करोड़ लोग एमएसएमई के माध्यम से काम कर रहे हैं। इसमें करीब 2.5 करोड़ महिलाएं हैं। ये बातें तीन दिवसीय दौरे पर काशी पहुंची सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम मंत्रालय (एमएसएमई) की केंद्रीय राज्यमंत्री शोभा राजकलंदराजे ने कहीं।

विज्ञापन


उन्होंने मकबूल आलम रोड स्थित लघु उद्योग भारती के सिल्क यूनिट कलस्टर पनाया सिल्क इम्पोरियम का भ्रमण किया। बुनकरों और कारीगरों से बात की। इसके बाद उन्होंने लघु उद्योग भारती के उद्यमियों के साथ बैठक की। मंत्री ने बैठक में एमएसएमई क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए सरकार की ओर से दी जा रही सुविधाओं के बारे में बताया।

महिला उद्यमियों से तकनीक का उपयोग कर छोटे-छोटे क्लस्टर बनाने का आह्वान किया। कहा कि एमएसएमई क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना समय की मांग है और इससे छोटे स्तर से शुरू होकर बड़े उद्योगों तक का सफर संभव है। उन्होंने कहा कि वाराणसी की हस्तशिल्प और वस्त्र कला को वैश्विक पहचान दिलाने के लिए केंद्र सरकार प्रतिबद्ध है।

विज्ञापन
Trending Videos

केंद्रीय राज्यमंत्री शोभा राजकलंदराजे - फोटो : अमर उजाला
बैठक में संगठन की ओर से मंत्री के सामने टूल रूम निर्माण में हो रही देरी का मुद्दा रखा गया। लघु उद्योग भारती के प्रदेश अध्यक्ष राजेश कुमार सिंह ने अनुरोध किया कि एमएसएमई के प्रस्तावित टूल रूम में कालीन और बनारसी साड़ी निर्माण से जुड़ी विशेष प्रशिक्षण कक्षाएं चलाई जाएं, ताकि स्थानीय उद्यमियों और कारीगरों को आधुनिक तकनीक का लाभ मिल सके। मंत्री ने इसे जल्द से जल्द लागू कराने का आश्वासन दिया। इस दौरान लघु उद्योग भारती के प्रदेश उपाध्यक्ष दीनानाथ बरनवाल, दीपक बहल, ज्योति शंकर मिश्रा, सुनीता सिंह और अनुपमा श्रीवास्तव समेत कई उद्यमी मौजूद रहे। 

इसे भी पढ़ें; Sports News: कबड्डी चैंपियनशिप में वाराणसी की टीम चैंपियन, वीरांगना में 250 प्रतिभागियों ने दिखाया दमखम
विज्ञापन

ईएसआईसी अस्पताल में बढेंगी सुविधाएं, मंत्री ने निरीक्षण के बाद की समीक्षा बैठक
तीन दिवसीय दौरे पर काशी पहुंचीं केंद्रीय एमएसएमई, श्रम एवं सेवायोजन राज्यमंत्री शोभा कलंदराजे ने शुक्रवार को कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) अस्पताल का निरीक्षण किया। उन्होंने अस्पताल का भ्रमण करते हुए मरीजों से बातचीत किया और उपलब्ध सुविधाओं का बारीकी से जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने अस्पताल प्रशासन और मेडिकल स्टाफ के साथ बैठक कर व्यवस्थाओं पर समीक्षा भी की।

निरीक्षण के दौरान मंत्री ने पाया कि अस्पताल की ओपीडी सेवाओं पर अत्यधिक दबाव है। समीक्षा बैठक में बताया गया कि प्रतिदिन लगभग 1000 से 1200 मरीज इलाज कराने पहुंचते हैं, जबकि मेडिकल स्टाफ की संख्या पर्याप्त नहीं है। फार्मासिस्ट और लैब असिस्टेंट की कमी विशेष रूप से सामने आई। इस पर मंत्री ने अस्पताल के डीन और मेडिकल सुपरिटेंडेंट से कहा कि स्टाफ की कमी को लेकर विस्तृत लिखित प्रस्ताव तुरंत प्रस्तुत करें। उन्होंने आश्वासन दिया कि इस मुद्दे को शीघ्र ही डायरेक्टर जनरल के सामने रखा जाएगा और आवश्यकतानुसार नई तैनातियां कराई जाएंगी।

बैठक में मंत्री ने कहा कि अस्पताल में डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ की तैनाती ओपीडी में आने वाले मरीजों की संख्या के अनुपात में की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए संसाधनों का संतुलित होना जरूरी है। उन्होंने अस्पताल प्रशासन को निर्देश दिया कि मरीजों की सुविधा और पारदर्शी व्यवस्था को प्राथमिकता दी जाए।

इस अवसर पर मंत्री ने यह भी कहा कि केंद्र सरकार कर्मचारियों और श्रमिक वर्ग की भलाई के लिए लगातार प्रयासरत है। ईएसआईसी अस्पताल जैसे संस्थान श्रमिकों और उनके परिवारों को सुलभ व गुणवत्तापूर्ण इलाज मुहैया कराने में अहम भूमिका निभाते हैं, इसलिए उनकी व्यवस्थाओं का मजबूत होना जरूरी है। बैठक में कानपुर से आए ईएसआईसी के क्षेत्रीय प्रबंधक कालीचरण दास ने पिंडरा में निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज का प्रेजेंटेशन प्रस्तुत किया।

उन्होंने बताया कि मेडिकल कॉलेज का निर्माण तेज गति से प्रगति पर है और निर्धारित समयसीमा में इसे पूरा कर लिया जाएगा। इससे चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार हाेने के साथ ही युवाओं को शिक्षा और रोजगार के नए अवसर भी मिलेंगे। समीक्षा बैठक के अंत में मंत्री ने कहा कि श्रमिक और उनके परिवार गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाओं के हकदार हैं और इसके लिए केंद्र सरकार हरसंभव कदम उठाएगी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें