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न्यारी काशी और स्मार्ट बनारस का 'स्पंदन'

Fri, 04 Mar 2016 01:22 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला वाराणसी
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बीएचयू के अंतर संकाय युवा महोत्सव ‘स्पंदन 2016’ का तीसरा दिन गायन, वादन, नृत्य और अभिनय के नाम रहा। गायन, वादन में गुरुवार को जहां सुर और ताल का संगम हुआ वहीं, नृत्य और अभिनय के जरिये स्पंदन के मंच पर तीन लोकों से न्यारी काशी और स्मार्ट बनारस उतरा। काशी और बीएचयू के गौरवमयी इतिहास को जहां ‘एक्सप्रेशन’ अभिव्यक्त किया गया, वहीं क्रिएटिव डांस में भ्रष्टाचार, छात्रों के तनाव को नृत्य में पिरोया गया।  
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गुरुवार को स्पंदन के तहत एंफीथिएटर मैदान में सबसे पहले ‘एक्सप्रेशन’ प्रतियोगिता हुई जिसमें वसंत कन्या महाविद्यालय की प्रस्तुति सराहनीय रही। यहां की छात्राओं ने एक्सप्रेशन के माध्यम से संपूर्ण काशी का दर्शन कराया। इसी तरह डेंटल साइंस और कला संकाय ने ‘देश हमारा धरती अपनी’ थीम पर शानदार प्रस्तुति दी। मेडिसिन संकाय ने शिक्षा में भ्रष्टाचार के मुद्दे को उठाया। ‘बीएचयू का कारवां चले हजारों साल’, ‘कौआ कान ले गया’, ‘हीरो हीरालाल’ जैसी थीम पर अलग-अलग संकायों की प्रस्तुति हुई।
एक्सप्रेशन के बाद यहां क्रिएटिव डांस प्रतियोगिता हुई। क्रिएटिव डांस में डेंटल साइंस की छात्रा ने नीरजा भनोत की जिंदादिली को नृत्य में पिरोया। वहीं वीकेएम ने द्रोपदी चीरहरण, वसंता कालेज राजघाट ने जटायु वध को नृत्य के जरिये पेश किया। वाणिज्य संकाय ने भ्रष्टाचार और आर्य महिला ने पढ़ाई के तनाव जैसे मुद्दे को नृत्य में बांधा। उधर स्वतंत्रता भवन में लघु नाटक में अभिनय के विविध रंग देखने को मिले। पंडित ओंकारनाथ ठाकुर प्रेक्षागृह में सितार और तबला वादन प्रतियोगिता हुई
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दृश्य कला संकाय में हुई पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने बीएचयू के शताब्दी वर्ष की स्वर्णिम गाथा पोस्टर के जरिए ही कह डाली। वहीं कई प्रतिभागियों ने ट्रैफिक व्यवस्था सुदृढ़ करने का मुद्दा उठाया। कार्टूनिंग प्रतियोगिता में भी बनारस के ट्रैफिक व्यवस्था पर सवाल खड़े किए गए। छात्र कल्याण केंद्र में संस्कृत, हिंदी और अंग्रेजी में सुभाषण प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने ‘काशी हिंदू विश्वविद्यालय - सर्वविद्या की राजधानी’ पर अपने विचार रखे।
उधर केएन उडुप्पा सभागार में पाश्चात्य समूह गायन प्रतियोगिता हुई। हॉलीवुड फिल्मों के गीतों से यहां पर प्रतिभागियों ने समां बांधा। सिंथेसाइजर और गिटार की जुगलबंदी पर ‘समर-69’ और ‘ग्रीन डे’ ने तो दर्शक दीर्घा में बैठे छात्र-छात्राओं को झूमने पर मजबूर कर दिया। ऐसे ही राधाकृष्णन हॉल में टर्न कोट और मोनो एक्टिंग प्रतियोगिता हुई। 
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