दुल्लहपुर क्षेत्र के एक गांव में 26 फरवरी की दोपहर दरिंदों के हाथों जलाई गई किशोरी की मौत गुरुवार की सुबह वाराणसी के एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान हो गई। मेडिकल रिपोर्ट में किशोरी की उम्र अधिक दर्ज होने से नाराज लोगों ने अस्पताल में हंगामा करने के बाद ककरमत्ता-मंडुवाडीह मार्ग पर चक्काजाम कर दिया। पुलिस उच्चाधिकारियों ने मेडिकल रिपोर्ट में किशोरी की उम्र दुरुस्त कराई तब चक्काजाम समाप्त हुआ।
बता दें कि पीड़ित किशोरी के चाचा ने मुख्य आरोपी का उसकी प्रेमिका के साथ वीडियो क्लिप बनाया था। इसी का बदला लेने के लिए घटना को अंजाम दिया गया था। मामले में एक युवती सहित सभी चार आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं।
दुल्लहपुर क्षेत्र के एक गांव की किशोरी सातवीं की छात्रा थी। उसके पिता और मां का निधन हो चुका है। घर में दादा, दादी और बड़ी बहन रहते हैं। 26 फरवरी की दोपहर में एक युवती किशोरी को गन्ना चूसने के बहाने खेत में ले गई थी, जहां मुख्य आरोपी सोनू ने अपनी प्रेमिका और दो अन्य साथियों के साथ किशोरी पर अश्लील वीडियो बनवाने के लिए जोर दिया और न मानने पर उसे जला दिया था। 27 फरवरी को गिरफ्तार की गई युवती ने पुलिस पूछताछ में बताया था कि एक माह पहले पीड़ित किशोरी के चाचा ने प्रेमी के साथ उसकी वीडियो क्लिप बनाई थी और उसको लेकर वह उसे ब्लैकमेल कर रहा था। इसका प्रतिशोध लेने के लिए किशोरी की भी अश्लील क्लिप बनाने की साजिश रची गई थी। सोनू के कहने पर वह 26 फरवरी को किशोरी को गन्ना चूसने के बहाने खेत में ले गई। वह अपने साथ ढिबरी भी ले गई थी।
किशोरी पर क्लिप बनवाने के लिए दबाव बनाया गया लेकिन वह तैयार नहीं हुई तो उसके ऊपर ढिबरी से मिट्टी का तेल गिरा दिया गया और आग लगाने की धमकी दी गई। इसी दौरान माचिस जल गई और किशोरी के शरीर में आग लग गई। पुलिस ने गिरफ्तार युवती के सहयोग से दो अन्य आरोपियों खालिसपुर निवासी प्रदीप यादव और मटुकपुर निवासी भरत यादव को भी गिरफ्तार कर लिया था। तीसरे दिन मुख्य आरोपी सोनू भी गिरफ्तार कर लिया गया था। दुल्लहपुर के थानाध्यक्ष रीतेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि पीड़ित किशोरी की मौत के बाद मामले में हत्या की धारा भी जोड़ दी गई है।