कुछ दिन तक फिजियोथिरेपी कराई तो थोड़ा बहुत आराम मिला लेकिन फिर समस्या जस की तस हो गई। उजाला हॉस्पिटल में ज्वाइंट स्पेशलिस्ट डॉ. रोहित पांडेय ने 18 जनवरी को अली अब्बास की जांच करने के बाद घुटना प्रत्यारोपण की सलाह दी।
उजाला हॉस्पिटल की युवा चिकित्सकों की टीम ने न केवल अली का घुटना प्रत्यारोपण किया बल्कि अब वह चल पा रहा है। डॉ. रोहित ने बताया कि पैर की दूसरी मांशपेशियों को लेकर घुटने के अंदर दूरबीन विधि से लीगमेंट को बनाया गया। इससे मरीज को कोई दर्द नहीं हुआ।
उन्होंने बताया कि बताया कि इस तरह के ऑपरेशन में सबसे अधिक सावधानी संक्रमण से बचाने की होती है। दूरबीन से इस तरह ऑपरेशन की सुविधा पूर्वांचल में कुछ ही अस्पतालों में है। उच्चत्तर माडयूलर ओटी होने की वजह से संक्रमण का खतरा भी कम रहता है। डॉक्टरों की टीम में एनेस्थेसिस्ट डॉ. प्रियरंजन, फिजियोथिरेपिस्ट डॉ. शुभ्रता गांगुली मौजूद रहे।