सड़क पर लेटकर अपना विरोध जताते छात्र।
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इस दौरान मृत्युंजय तिवारी, अभय सिंह आदि ने नयी नियमावली को सवर्ण छात्रों के हितों के विपरीत बताया। कहा कि फैसला वापस होने तक आंदोलन चलता रहेगा। इस दौरान शिवांश, अवनींद्र राय, रिंकू राय, शिवम सोनकर, हिमांशु, सुजीत आदि मौजूद रहे।
संस्कृत विश्वविद्यालय में छात्रों ने नयी नियमावली के विरोध में प्रदर्शन कर कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा को ज्ञापन सौंपा। छात्रसंघ अध्यक्ष कृष्णमोहन शुक्ल ने कहा कि यह नियम उच्च शिक्षा और छात्रों के हितों के खिलाफ है और समाज को जोड़ने के बजाय बांटने का काम कर रहा है। इस दौरान महामंत्री प्रदीप पांडेय, छात्रनेता हिमांशु, अतुल पांडेय आदि लोग मौजूद रहे।
छात्रों की भीड़ सड़क पर उतरी।
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सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद मनाया जश्न
कलेक्ट्रेट पर धरना दे रहे केसरिया भारत के पदाधिकारियों ने पहले बुद्धिशुद्धि यज्ञ किया। इसके बाद जैसे ही सुप्रीम कोर्ट के फैसले की जानकारी मिली तो अबीर गुलाल उड़ाकर जश्न मनाया। इस दौरान हनुमान चालीसा का पाठ भी किया। राष्ट्रीय हिन्दू दल संगठन के अध्यक्ष रोशन पाण्डेय ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि देश की एकता अखंडता पर बने खतरे को सुप्रीम कोर्ट ने टालकर हिन्दूओं को बिखरने से बचा लिया।