मेयर अशोक कुमार तिवारी ने भी जाना हाल।
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आईएमएस बीएचयू में जाने माने कार्डियोथोरेसिक सर्जन पद्मश्री डॉ. टीके लहरी के 15 दिन से बीमार होकर घर पर पड़े रहने और उनके करीबी अहमद अली की पहल पर बीएचयू में मंगलवार की देर शाम भर्ती होने की अमर उजाला की खबर का आईएमएस प्रशासन ने संज्ञान लेते हुए चार विभागों के डॉक्टरों को निगरानी की जिम्मेदारी दी है।
नरिया स्थित न्यू मेडिकल इन्क्लेव की पहली लेन में डॉ.लहरी लंबे समय से अकेले रहते हैं। 2003 में कार्डियोथोरेसिक विभाग से सेवानिवृत्त होने के बाद भी वह हर दिन नरिया से एनसीसी बटालियन के सामने से त्रिवेणी संकुल हॉस्टल, कुलपति आवास, एमएस आफिस होते हुए शताब्दी सुपरस्पेशियलिटी ब्लॉक (एसएसबी) में मरीजों को देखने जाते हैं।
उनके 15 दिन से बेड पर पड़े रहने की खबर के अमर उजाला में बुधवार को प्रकाशित होने के बाद दोपहर 12 बजे आईएमएस निदेशक प्रो.एसएन संखवार एसएसबी में पहुंचे। यहां उन्होंने डॉ. लहरी से उनकी सेहत का हाल जाना और हर संभव बेहतर से बेहतर जांच, इलाज का भरोसा दिलाया।
निदेशक ने बताया कि मेडिसिन डिपार्टमेंट, कार्डियोथोरेसिक, कार्डियोलॉजी के साथ ही जीरियाट्रिक डिपार्टमेंट के डॉक्टरों को निगरानी की जिममेदारी दी गई है। जरूरत के हिसाब से डॉ. लहरी को सभी तरह की बेहतर चिकित्सा सुविधा, दवाएं आदि दी जा रही हैं। प्रो. संखवार ने बताया कि बुधवार से डॉ. लहरी ने चिकित्सकों की सलाह पर जरूरी आहार लेना शुरू कर दिया है।
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पांच दशक से डॉ.टीके लहरी को जानने वाले नरिया निवासी अहमद अली ने बुधवार को अमर उजाला से बातचीत में बताया कि डॉक्टर साहब के 15 दिन बाद अस्पताल में भर्ती होने के बाद अब उनका अच्छा इलाज हो सकेगा।