स्नातक स्तर के विद्यार्थी की ग्रेड शीट पर शोध परियोजना के प्राप्तांकों पर आधारित ग्रेड तो अंकित होंगे लेकिन उनको सीजीपीए की गणना में शामिल नहीं किया जाएगा। यूजी और पीजी के विद्यार्थी को हर सेमेस्टर में चार क्रेडिट की शोध परियोजना करनी होगी। शोध परियोजना के प्राप्तांकों पर आधारित ग्रेड अंकित होंगे और उन्हें सीजीपीए की गणना में शामिल किया जाएगा। शोध परियोजनाओं के मूल्यांकन की प्रक्रिया विश्वविद्यालय के परीक्षा विभाग की देखरेख में महाविद्यालय और विश्वविद्यालय के विभागीय स्तर पर होगी।
शोध परियोजनाओं का होगा संयुक्त मूल्यांकन
यूजी तृतीय वर्ष में पांचवें और छठवें सेमेस्टर में की गई शोध परियोजना का संयुक्त मूल्यांकन सातवें सेमेस्टर के अंत में एक आंतरिक और विश्वविद्यालय द्वारा नामित बाह्य परीक्षक द्वारा जमा किए गए शोध प्रबंध की मौखिकी पर किया जाएगा। इसके लिए सौ अंक निर्धारित होंगे। वहीं, पीजी में शोध परियोजनाओं का मूल्यांकन दूसरे और चौथे सेमेस्टर में होगा। पीजी प्रथम वर्ष के पहले और दूसरे सेमेस्टर में की गई शोध परियोजना का संयुक्त मूल्यांकन दूसरे सेमेस्टर के अंत में 100 अंकों में किया जाएगा। मूल्यांकन विद्यार्थियों ने जो शोध प्रबंध जमा किया है, उस पर आधारित होगा। यूजी द्वितीय वर्ष के तीसरे और चौथे सेमेस्टर में की गई शोध परियोजना का संयुक्त मूल्यांकन चौथे सेमेस्टर के अंत में एक आंतरिक और विश्वविद्यालय द्वारा नामित बाह्य परीक्षक द्वारा किया जाएगा।