बनारस में 1962 के चुनाव में विधानसभा क्षेत्रों का परिसीमन किया गया था। इस दौरान गंगापुर विधानसभा सीट अस्तित्व में आई थी। यह पहले कसवार राजा और कसवार सरकारी विधानसभा सीट थी। उन्हीं में से तोड़कर एक गंगापुर और एक कसवार विधानसभा सीट बनाई गई थी। पिंडरा के पूर्व अध्यापक रामनरेश ने बताया कि 1962 के चुनाव में उदल चुनाव लड़े थे और वह पैदल और साइकिल से प्रचार करते थे। वह काफी सरल और सादगी पसंद व्यक्ति थे। आज की तरह नेताओं की तरह भीड़ भाड़ लेकर नहीं चलते थे अकेले ही गांव-गांव और घर-घर पहुंचकर लोगों से वोट मांगते थे। रात होने पर वे उसी गांव में रुक जाते थे। कई बार अपने विरोधियों के गांव में भी रुके थे।
चुनाव कार्यालय के अनुसार आजादी के बाद से अबतक तीन बार परिसीमन हुआ। पहली बार 1951-52 में, दूसरी बार 1962 में और फिर 2012 में। 2012 से वाराणसी जिले में आठ विधानसभा सीटें हैं। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के राजनीति विभाग के रिटायर्ड प्रो. सतीश राय ने बताया कि 1962 के चुनाव में परिसीमन हुआ था। उस दौरान गंगापुर विधानसभा सीट अस्तित्व में आई थी। 1957 में जो कसवार राजा और कसवार सरकारी विधानसभा क्षेत्र था। जिसे तोड़कर गंगापुर विधानसभा क्षेत्र का गठन हुआ था। फिर बाद में आराजी लाइन बनी थी और अब वर्तमान में सेवापुरी विधानसभा सीट है। इसी प्रकार कोलअसला अब पिंडरा विधानसभा सीट हो गई है।
1962 में कुछ ऐसे थे वाराणसी के विधानसभा क्षेत्रों के नतीजे
-कसवार विधानसभा से सोशलिस्ट पार्टी के गया प्रसाद ने कांग्रेस के बेचन राम गुप्ता को 726 वोटों से हराया था। गया प्रसाद को 17295 वोट मिले थे।
-कोलअसला विधानसभा से सीपीआई के उदल ने कांग्रेस के राज बिहारी सिंह को 3879 वोटों से हराया था। उदल को 21580 वोट मिले थे।
-गंगापुर विधानसभा से कांग्रेस के ऋषि नारायण शास्त्री ने सोशलिस्ट पार्टी के राजनारायण को 522 वोटों से हराया था। ऋषि नारायण को 23726 वोट मिले थे।
-शहर दक्षिणी विधानसभा से कांग्रेस के गिरधारी लाल ने सीपीआई के रुस्तम सैटिन को 4094 वोटों से हराया था। गिरधारीलाल को 20244 वोट मिले थे।
-उत्तरी विधानसभा के जनसंघ के विश्वनाथ प्रसाद ने कांग्रेस के मोहम्मद अब्दुल समद को 1153 वोटों से हराया था। विश्वनाथ प्रसाद को 22388 वोट मिले थे
-इनके अलावा भदोही, ज्ञानपुर, सेओपुर, कटेहर महाईच, मुगलसराय, चंदौली, चकिया, सैदपुर विधानसभाएं थी। जो अब गाजीपुर, चंदौली और भदोही में है।