मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारी
- फोटो : अमर उजाला
सुसाइड नोट नहीं मिला है। दोनों भाइयों के पिता मल्ला तिरुपति राव से संपर्क करने का प्रयास किया जा रहा है। शव देखकर प्रतीत हुआ कि दोनों ने एक से दो दिन पहले आत्महत्या की है। परिजनों से संपर्क होने के बाद ही दोनों भाइयों के आत्मघाती कदम की वजह स्पष्ट हो पाएगी। - गौरव बंशवाल, डीसीपी काशी जोन
आठ सितंबर को कमरे के बाहर दिखे थे दोनों भाई
मैनेजर ने बताया कि दोनों भाई बीते पांच सितंबर को आखिरी बार आश्रम के मेस में भोजन किए थे। आठ सितंबर की सुबह कमरे के बाहर दिखाई दिए थे। दोपहर में 12.05 बजे कमरे से बाहर निकल कर कूड़ेदान भीतर ले जाते हुए एक भाई सीसी कैमरे में भी कैद हुआ है। इसके बाद दोनों भाइयों के कमरे का दरवाजा नहीं खुला। आश्रम के कर्मचारियों ने बताया कि दोनों भाई कमरे से बहुत कम निकलते थे। मोबाइल पर बात करने के बाद दोनों परेशान दिखते थे।
पुलिस के अनुसार, घटनास्थल को देखने से प्रतीत हुआ है कि पहले बड़े भाई ने और फिर छोटे भाई ने आत्महत्या की है। उधर, आश्रम में ठहरे आंध्रप्रदेश के श्रद्धालुओं के बीच दोनों भाइयों की आत्महत्या चर्चा का विषय बनी रही। घटना से दुखी कई श्रद्धालुओं ने आश्रम में दोपहर में भोजन नहीं किया।
देवनाथपुरा स्थित आंध्रा आश्रम के काशी कैलाश भवन में नौ माह पहले सात दिसंबर 2023 को आंध्र प्रदेश से आए दंपती ने अपने दो बेटों के साथ फंदा लगाकर जान दे दी थी। पुलिस की पड़ताल में सामने आया था कि चारों ने पैसे के लेनदेन के विवाद और आर्थिक तंगी की वजह से जान दी थी। एक अगस्त 2024 को जंगमबाड़ी स्थित एक होटल में आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा निवासी एक युवक ने फंदा लगाकर जान दे दी थी। इसके अलावा भी दक्षिण भारतीय श्रद्धालु आर्थिक तंगी से परेशान होकर या फिर मोक्ष प्राप्ति के लिए अकसर काशी आकर आत्महत्या करते रहते हैं।