यूपी के आजमगढ़ में जिला महिला अस्पताल में मंगलवार रात एक घंटे के अंदर दो महिलाओं की मौत हो गई। इसके बाद महिलाओं के परिजनों ने डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाकर हंगामा किया। घटना की जानकारी होने पर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभाला।
दुबरहन खुर्द कंधरापुर निवासी माधुरी (22) पत्नी बीडी सिंह को सोमवार को जिला महिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। रात दो बजे महिला ने बेटी को जन्म दिया था। मंगलवार शाम को महिला की हालत अचानक बिगड़ने लगी।
परिजनों का आरोप है कि वह और साथ में आई आशा ने बार-बार डॉक्टर को महिला को देखने के लिए बुलाया, लेकिन उन्होंने उस पर ध्यान नहीं दिया। मंगलवार रात 11 बजे माधुरी की मौत हो गई। परिजनों का कहना था कि यदि डॉक्टर समय पर माधुरी का इलाज किए होते तो उसकी जान बच सकती थी।
वहीं दूसरी तरफ आजमगढ़ शहर के मोहल्ला एलवल निवासी गुड़िया विश्वकर्मा उर्फ सीमा (35) पत्नी गब्बू विश्वकर्मा को प्रसव पीड़ा होने पर मंगलवार रात आठ बजे जिला महिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
परिजनों का आरोप है कि डॉक्टर ने एक इंजेक्शन लगाया और इसके बाद महिला की हालत बिगड़ने लगी। उसके मुंह से झाग निकलने लगा। महिला की हालत बिगड़ती देख डॉक्टर ने उसे किसी अन्य अस्पताल में ले जाने के लिए कहने लगे। इस पर परिजनों ने हंगामा शुरू कर दिया। परिजनों के अनुसार महिला की मौत हो गई है, लेकिन कोई डॉक्टर बोलने के लिए तैयार नहीं है।
उधर, संबंधित डॉक्टर असलम का कहना है कि महिला को कोई इंजेक्शन नहीं लगाया गया है उसकी स्थिति पहले से ही गंभीर थी। इलाज से पहले ही उसको हार्ट अटैक आया इसलिए उसके मुंह से झाग निकलने लगा। महिला को किसी हृदय रोग विशेषज्ञ के पास ले जाने के लिए कहा गया था।