वहीं उसके सहयोगी राजेश प्रजापति को कैंट स्टेशन के बाहर से गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में बताया कि वह पहले भी कोलकाता से राजस्थान तक तस्करी का सोना पहुंचा चुका है। गिरफ्त में आए अन्य तस्करों से भी जानकारी इकट्ठा की जा रही है। डीआरआई अधिकारियों के अनुसार सोने की तस्करी के इस खेल में हवाला के रुपये के लेनदेन से इंकार नहीं किया जा सकता।
राजस्थान निवासी गिरोह का सरगना पुत्र और पिता गिरफ्तार
सोना तस्करी के इस खेल का सरगना गुवाहाटी में डीआरआई के हत्थे चढ़ गया है, उसी के आधार पर उसके पिता नंदलाल को भी डीआरआई ने गिरफ्तार किया। डीआरआई अधिकारियों के अनुसार डीआरआई की लगातार छापामारी में अब तक कुल पांच लोग गिरफ्तार किए जा चुके हैं, जिसमें तीन गुवाहाटी और दो वाराणसी में गिरफ्तार हुए।
तस्कर गिरोह के सभी सदस्य राजस्थान के निवासी हैं, यह कोलकाता और गुवाहाटी में अपना नेटवर्क बनाकर म्यांमार से भारत में विदेशी सोने की तस्करी कर रहे हैं। सोने को कोलकाता, बिहार, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और दिल्ली में सप्लाई कर रहे हैं। अभी तक मिली जानकारी के अनुसार यह तस्कर राजस्थान से लोगों को नौकरी के चक्कर में गुमराह कर गुवाहाटी और कोलकाता ले जाते हैं। पकड़े गए पिता-पुत्र इस खेल के असली खिलाड़ी हैं।