वाराणसी के चांदमारी स्थित डॉ. भीमराव आंबेडकर छात्रावास में बनाई गई अस्थायी जेल के शौचालय की जाली तोड़कर दो बंदी बुधवार की रात भाग निकले। मामला सार्वजनिक होते ही जेल कर्मियों में हड़कंप मच गया। जिला कारागार प्रशासन की ओर से दोनों के खिलाफ शिवपुर थाने में मुकदमा दर्ज करा कर प्रकरण की विभागीय जांच शुरू करा दी गई है।
बड़ागांव थाने की पुलिस द्वारा बीती 10 अगस्त को हत्या और दहेज उत्पीड़न सहित अन्य आरोपों में दोढईपुर चकचमरान निवासी दिनेश लाल को अस्थायी जेल में दाखिल किया गया था। इसी तरह से गाजीपुर जिले के बिरनो थाना अंतर्गत बद्दोपुर निवासी दिलीप कुमार को चोरी के मामले में लालपुर-पांडेयपुर थाने की पुलिस ने 11 अगस्त को अस्थायी जेल में दाखिल किया था।
बुधवार की रात आठ बजे के लगभग दोनों बंदी शौचालय गए थे। इसी दौरान दोनों शौचालय की जाली तोड़ कर भाग निकले। बंदियों की निगरानी में तैनात बंदीरक्षकों को जब इसकी जानकारी हुई तो हड़कंप मच गया। आननफानन में दोनों बंदियों के भागने की सूचना जेल अधिकारियों को दी गई।
जिला जेल अधीक्षक पवन कुमार त्रिवेदी ने बताया कि दोनों बंदियों के खिलाफ शिवपुर थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है। किसकी लापरवाही से दोनों बंदी भाग निकले, इसकी जांच कराई जा रही है। उधर, देर रात तक पुलिस की अलग-अलग टीमें दोनों बंदियों की तलाश में शहर के रेलवे स्टेशनों और बस अड्डों सहित अन्य स्थानों को खंगाल रही थी।
गौरतलब है कि इससे पहले इंग्लिशिया लाइन स्थित पंडित कमलापति त्रिपाठी इंटर कॉलेज से बीती 25 जुलाई की शाम दुष्कर्म का आरोपी किरहिया जिवधीपुर निवासी आशीष पाल शौच के बहाने चहारदीवारी फांद कर भाग निकला था। एक अगस्त को आशीष अपने घर के समीप से गिरफ्तार किया गया था।