वाराणसी में कोरोना का संक्रमण बढ़ने के साथ ही मौत का भी आंकड़ा बढ़ता ही जा रहा है। मंगलवार को 4 मरीजों की मौत के बाद बुधवार को भी कोरोना से चार लोगों की मौत हो गई। जिसमें दो बीएचयू और दो की मौत दीनदयाल अस्पताल में हुई है। इसके साथ ही कुल मरने वालों की संख्या 114 हो गई है। 129 नए मरीजों में सबसे ज्यादा बीएचयू में ट्रामा सेंटर में तीन लोगों समेत नौ लोग, मंडलीय अस्पताल में दो लोग, दस साल से कम उम्र के चार बच्चे सहित अलग अलग जगहों से संक्रमित मिले हैं।
स्वास्थ्य विभाग को बुधवार को 1844 सैंपल की रिपोर्ट मिली है। सीएमओ डॉक्टर वीबी सिंह ने बताया कि बीएचयू में भर्ती जलालीपट्टी डीएलडब्ल्यू निवासी 80 वर्षीय पुरुष और गोपालपुर निवासी 59 वर्षीय पुरुष की मौत हुई है। इसके अलावा दीनदयाल अस्पताल में भर्ती सलारपुर पंचकोशी निवासी 65 वर्षीय महिला और नाथूपुर डीएलडब्ल्यू निवासी 62 वर्षीय पुरुष की भी मौत हुई है।
नए मरीजों में ट्रामा सेंटर बीएचयू में तीन, कस्तूरबा हॉस्टल बीएचयू में एक, नागार्जुन हॉस्टल आई एम एस में एक, बीएचयू कैंपस में एक, सुश्रुत हॉस्टल में दो और न्यू मेडिकल इन्क्लेव में चार साल का बच्चा संक्रमित हुआ हैं। इसके अलावा सुसुवाही में 5 साल के बच्चे,10 साल की बच्ची समेत पांच, सदर बाजार में 2 साल का बच्चा, विद्यापीठ लल्लापुरा में नौ साल का बच्चा, मालती बाग, निराला नगर, लहरतारा, अशोक नगर कॉलोनी, धौरहरा, सारनाथ, गोपाल विहार कॉलोनी,कोईराजपुर, शिवदासपुर, लहरतारा, विष्णु नगर कॉलोनी, सुंदरपुर में भी संक्रमित मरीज मिले हैं।
गोविंदनगर महमूरगंज,गढ़वा सी टोला चौक, गोपाल मंदिर लेन गोलघर, डायमंड होटल, रविंद्र पुरी कॉलोनी, जवाहर नगर एक्सटेंशन, श्री राम नगर कॉलोनी में रहने वाले एक व्यक्ति में संक्रमण की पुष्टि हुई है। जयप्रकाश नगर,शिवपुरवा, बड़ी गैबी, मंडलीय अस्पताल कैंपस में दो,लल्लापुरा,मारुति नगर,रामनगर,करौंदी में भी मरीज मिले हैं।
बुधवार को नए मरीज मिलने के बाद अब कुल संक्रमित मरीजों की संख्या 6044 हो गई है। होम आइसोलेशन के 70 और अस्पतालों में भर्ती 40 लोग डिस्चार्ज किए गए हैं। इसके बाद कुल डिस्चार्ज 4603 लोग अब तक डिस्चार्ज हो चुके हैं। 6044 कुल संक्रमित में,4603 डिस्चार्ज, 114 की मौत के बाद 1327 एक्टिव केस हैं।
पॉजिटिव 3 मरीजों के बारे में कोई जानकारी नहीं मिल पा रही है। स्वास्थ विभाग की ओर से रिपोर्ट आने के बाद जब उनसे संपर्क किया गया तो उन्होने जो मोबाइल नंबर दिया था उस पर भी कोई बातचीत नहीं हो पाई। इसको लेकर स्वास्थ्य विभाग की परेशानी बढ़ गई है।