माओवादी संगठन था जुड़ाव
एसटीएफ के अनुसार सोहन सिंह की हत्या के बाद राजकुमार वर्मा का संपर्क प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन सीपीआई (माओवादी) के लिए काम कर रहे सीताराम उर्फ धनु से हुआ। वह नक्सल गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग लेने लगा। इस संगठन के लोगों को शक था कि ग्राम प्रधान मुसाफिर चौहान पुलिस को मुखबिरी करते हैं। इसी आशंका में वर्ष 2012 में राजकुमार वर्मा अपने साथियों के साथ पुलिस की वर्दी में मुसाफिर चौहान के घर पहुंचा।
ग्राम प्रधान के न मिलने पर क्षेत्र में आतंक पैदा करने के लिए उनकी पत्नी फूलमती की हत्या कर दी। यह घटना को लेकर बलिया के सहतवार थाने में प्राथमिकी दर्ज हुई थी। इस मामले में उसके कई साथी गिरफ्तार हुए थे, जबकि राजकुमार वर्मा फरार चल रहा था। राजकुमार वर्मा का प्रमुख सहयोगी सीताराम उर्फ धनु भी 50 हजार रुपये का इनामी था। उसे 15 दिसंबर 2025 को एटीएस ने गिरफ्तार किया था।