गंगा से दो सौ मीटर के दायरे में बने नए भवनों पर वाराणसी विकास प्राधिकरण (वीडीए) की नजर और टेढ़ी हो गई है। मंगलवार को वीडीए ने अस्सी और भदैनी इलाके में अवैध निर्माणों को लेकर बड़ी कार्रवाई की। भदैनी इलाके में हाल के वर्षों में बनी दो बहुमंजिली इमारतों को सीज कर दिया। साथ ही, वीडीए के अधिकारियों ने अस्सी स्थित संगमपुरी कालोनी के 50 मकानों की नापजोख और वीडियोग्राफी कराई। वीडीए की कार्रवाई से समूचे इलाके में हड़कंप मच गया है।
गंगा किनारे अवैध निर्माण को लेकर हाईकोर्ट के सख्त तेवर के बाद वीडीए प्रशासन हरकत में आ गया है। मंगलवार की दोपहर वीडीए के अधिकारियों का दस्ता भदैनी पहुंचा और वहां बने डीपी तिवारी के तीन मंजिला भवन और मुरलीधर पांडेय के चार मंजिला भवन की नापजोख और वीडियोग्राफी कराने के बाद उसे सीज कर दिया।
इस बाबत वीडीए के अधिकारियों का कहना था कि यह भवन नया बनाया गया है और गंगा से दो सौ मीटर के दायरे में होने की वजह से अवैध है। वीडीए टीम ने अस्सी स्थित जगन्नाथ मंदिर और संगमपुरी कॉलोनी के भवनों की वीडियोग्राफी और उसकी नापजोख भी कराई। वीडीए के अधिकारियों का आरोप है कि असि नदी को पाटकर संगमपुरी कॉलोनी बसाई गई है। वीडीए के पास इस बात के साक्ष्य हैं।
साक्ष्यों के आधार पर ही कॉलोनी के मकानों की नापजोख कराई गई है। वीडीए के दस्ते ने भदैनी के एक बहुमंजिला होटल के कागजात की पड़ताल करने के साथ ही पूरे होटल की वीडियोग्राफी कराई। बीते शनिवार को हाईकोर्ट के निर्देश पर गठित न्याय मित्रों की टीम ने वीडीए के अधिकारियों के साथ नगवां से खिड़किया घाट तक घाट किनारे बने भवनों का स्थलीय सत्यापन किया था।
इस दौरान अवैध निर्माणों की बाढ़ देख न्याय मित्रों ने वीडीए के अधिकारियों को जमकर फटकार भी लगाई थी। जांच के क्रम में न्याय मित्रों ने तुलसी घाट स्थित संकटमोचन मंदिर के महंत के घर की पड़ताल भी की थी। जिसे लेकर बाद में काफी हो-हल्ला मचा था। कार्रवाई करने वाले वीडीए दस्ते में वीडीए के सहायक अभियंता आरएस चौधरी, बीएन सिंह, अभियंता चंद्रभान, अशोक, अमेरिका प्रसाद सहित कई अधिकारी शामिल थे।