जीआई उत्पाद प्रदर्शनी में खरीदारों की जुटान से शिल्पियों की झोली भर रही है। पांचवें दिन तक दो करोड़ से अधिक के उत्पाद बिक गए तो वहीं अंतरराष्ट्रीय खरीदारों ने वर्चुअली एक करोड़ तक के आर्डर भी दिया है। इसमें गुलाबी मीनाकारी, लकड़ी के खिलौने, भदोही के कालीन, कन्नौज का इत्र और गोरखपुर का टेराकोटा विदेशी खरीदारों को काफी लुभा रहा है।भारी मांग के चलते सिद्धार्थ नगर के काला नमक चावल का स्टाक की खाली हो गया। लिहाजा शुक्रवार को स्टाल बंद रहा।
बड़ालालपुर स्थित ट्रेड फैसिलिटी सेंटर में आयोजित सात दिवसीय जीआई उत्पाद प्रदर्शनी 23 जनवरी तक चलेगी। उपायुक्त उद्योग उमेश सिंह ने बताया कि खरीदारों की भीड़ हर दिन बढ़ती जा रही है। लोगों को पता ही नहीं था कि अपने बनारस में ऐसे-ऐसे उत्पाद भी बनते हैं। पांच दिन में दो करोड़ का बाजार हो गया और वहीं एक करोड़ तक का शिल्पियों को आर्डर मिल चुका है। अगले दो दिन में और आर्डर मिलेंगे। जीआई उत्पाद प्रदर्शनी ने यह तथ्य सिद्ध कर दिया है कि किसी भौगोलिक क्षेत्र के उत्पादों के लिए जीआई टैग कितना महत्वपूर्ण है।
ज्वाइंट कमिश्नर इंडस्ट्रीज उमेश सिंह ने बताया कि प्रदर्शनी में आए हस्तशिल्पी और उत्पादक उन्हें अपने उत्पादों के विषय में मिले सुझावों और फीडबैक से काफी उत्साहित हैं। उन्हें इस प्रदर्शनी से ग्राहकों की नई डिमांड समझने में मदद मिली है, जिससे वे अपने उत्पादों की गुणवत्ता में वृद्धि कर सकेंगे।