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योगी सरकार से नाराज यूपी के दलित सांसद, पीएम मोदी को लिखी चिट्ठी

Fri, 06 Apr 2018 02:31 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सोनभद्र
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बीजेपी सांसद
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उत्तर प्रदेश में बीजेपी के दलित सांसद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से नाराज हैं। नाराज सांसदों ने पीएम मोदी से उनकी शिकायत की है। 
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सोनभद्र के राबर्ट्सगंज लोकसभा क्षेत्र से  भाजपा सांसद कुंवर छोटे लाल खरवार की उनकी ही सरकार में सुनवाई नहीं हो रही। सरकार की व्यवस्था से असंतुष्ट सांसद अब खुद को उपेक्षित महसूस कर रहे हैं। इसके लिए उन्होंने पार्टी के प्रदेश नेतृत्व और मुख्यमंत्री को जिम्मेदार ठहराते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर मान सम्मान की रक्षा की मांग की है।

प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में सांसद ने कहा है कि सपा शासन काल में चंदौली के नौगढ़ ब्लाक से उनके बड़े भाई जवाहिर भाजपा के इकलौते ब्लाक प्रमुख थे। सरकार बनने के बाद भाजपा के ही कुछ लोगों ने अविश्वास प्रस्ताव करा दिया। नौ मार्च को इन्हीं लोगों ने बसपा प्रत्याशी को प्रमुख बनवा दिया।
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दो बार संगठन के बड़े पदाधिकारियों, वाराणसी क्षेत्र के  पदाधिकारी, जिलाध्यक्ष, प्रभारी मंत्री, प्रदेश अध्यक्ष से मिलकर आपबीती सुनाने के बाद भी किसी ने मदद नहीं की। थक हार कर दो बार मुख्यमंत्री से मिले मगर फरियाद को अनसुनी कर दिया गया।

यहां तक  कि जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक तक ने उनकी शिकायतों को तवज्जो नहीं दी। उन पर जानलेवा हमला हुआ। पिस्टल तान दी गई, जाति सूचक शब्दों का इस्तेमाल हुआ, मगर पुलिस ने मुकदमा तक दर्ज नहीं किया।

न्याय नहीं मिला तो थकहार कर अनुसूचित जाति आयोग में शिकायत करनी पड़ी। सांसद का कहना है कि उन्हें अपमानित करने के लिए 13 मार्च को नौगढ़ ब्लाक प्रमुख के शपथ ग्रहण कार्यक्रम में भाजपा के जिले के पदाधिकारी, मंत्री, महामंत्री, मीडिया प्रभारी अन्य लोग शामिल हुए।

चुनाव जीतने के बाद बसपा से जुड़े ब्लाक प्रमुख ने भाजपा के पदाधिकारी के घर पहुंचकर आशीर्वाद लिया। सोशल मीडिया में इसकी काफी किरकरी हुई। वह खुद इससे आहत हुए हैं। 

pm modi yogi adityanath - फोटो : अमर उजाला
 सांसद कुंवर छोटेलाल सिंह खरवार ने करीब चार माह पूर्व प्रतिबंधित वन क्षेत्र (सैंक्चुअरी एरिया) में अवैध खनन का मुद्दा उठाया था। जिला प्रशासन, पुलिस और वन विभाग के उच्चाधिकारियों की मिलीभगत बताते हुए मुख्यमंत्री, प्रमुख सचिव वन को पत्र भेजकर जांच की मांग उठाई थी।

प्रशासनिक, वन और खनन विभाग के अधिकारियों पर मिलीभगत कर अवैध खनन कराने का आरोप लगाकर यूपी और केंद्र सरकार की छवि खराब करने का आरोप लगाया था। 


छोटे लाल खरवार ने प्रधानमंत्री से पहले को लोकसभा अध्यक्ष को पत्र भेजकर कार्रवाई की मांग की थी। सांसद ने लिखा था कि 16 अप्रैल 2015 को उनकी दोनों बेटियों की शादी थी। रास्ता संकरा होने के नाते दरवाजे तक बारात आने में दिक्कत होती इस नाते उन्होंने वन विभाग के अफसरों की अनुमति से 15 अप्रैल को गड्ढे में मिट्टी भरकर समतल करा रहे थे।

थोड़ी देर बाद ही नौगढ़ रेंजर पहुंचे और उनके साथ अभद्रता की। शादी के बाद नौगढ़ थाने मे ंसूचना देने के बाद भी कार्रवाई नहीं हुई। 19 अप्रैल को वह संसद में भाग लेने दिल्ली आ गए तो पुन: उनके परिवार के लोगों के साथ अभद्रता की गई।
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Dalit Protest
इटावा से भाजपा सांसद अशोक दोहरे ने दलित आंदोलन को लेकर अपनी ही पार्टी से नाराजगी जताते हुए पुलिस पर संगीन आरोप लगाए हैं। सांसद का कहना है कि भारत बंद के बाद दलितों के खिलाफ पुलिस झूठे मुकदमे दर्ज कर रही है। उनपर जाति सूचक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए उन्हें घर से बाहर निकालकर पीट रही है।

इससे उन लोगों में असुरक्षा की भावना पैदा हो गई है।भारत बंद के दौरान दलितों के ही खिलाफ मुकदमे दर्ज किए जाने को लेकर सांसद अशोक दोहरे खफा हो गए हैं। इसकी शिकायत उन्होेंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलकर की है।

अपनी शिकायत में उन्होंने कहा कि भारत बंद के बाद एससी एसटी वर्ग के लोगों को यूपी समेत दूसरे राज्यों में प्रदेश सरकार व स्थानीय पुलिस झूठे मुकदमे में फंसा रही है उन पर अत्याचार हो रहा है और पुलिस निर्दोष लोगों को जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए घरों से निकाल कर मारपीट कर रही है।

इससे इन वर्गों में रोष एवं असुरक्षा की भावना बढ़ती जा रही है। इटावा के भाजपा सांसद की इस आपत्ति को भाजपा एवं अन्य दलों के राजनेता बदली हुई राजनीति के मुद्दे के तौर पर भी देख रहे है।
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