माई सिटी रिपोर्टर वाराणसी। कोडीन युक्त कफ सिरप की तस्करी के मामले में वांछित जीआरएस फार्मा के प्राेपराइटर ऋषभ यादव और उर्मिला फार्मा के प्रोपराइटर उमेश यादव को कोतवाली पुलिस ने बुधवार शाम लोहामंडी से गिरफ्तार किया। भगोड़ा शुभम जायसवाल के संपर्क में आकर शैली ट्रेडर्स से यह सभी कागजों पर कफ सिरप की खरीद फरोख्त करते थे। गिरफ्तार आरोपियों से पुलिस पूछताछ कर रही है। डीसीपी काशी जोन गौरव बंशवाल ने बताया कि लोहा मंडी निवासी उमेश यादव और विशेश्वरगंज निवासी ऋषभ यादव है। 15 नवंबर को ड्रग इंस्पेक्टर जुनाब अली ने कोतवाली में एनडीपीएस एक्ट मामले में ऋषभ यादव, उमेश यादव समेत अन्य के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। कोतवाली पुलिस और एसआईटी की छानबीन में सामने आया कि सप्तसागर दवा मंडी में जीआरएस मेडिकल के प्रोपराइटर ऋषभ यादव और उर्मिला फार्मा के प्रोपराइटर उमेश यादव ने सिरप की खरीद फरोख्त की है। व्हाट्सएप चैट, बैकिंग विवरण समेत अन्य कई प्रपत्र में दोनों कारोबारियों का नाम सामने आया।
हवाला नेटवर्क पर काम कर रही है एसआईटी 50 हजार के इनामी भगोड़े शुभम जायसवाल के मददगार और हवाला कारोबारी वैभव जायसवाल की गिरफ्तारी के बाद एसआईटी हवाला कारोबार के नेटवर्क को खंगाल रही है। चौक के सराफा, साड़ी कारोबारी भी वैभव के संपर्क में थे। पश्चिम बंगाल तक हवाला रकम की आवाजाही जांच में सामने आई है। अन्य कई कारोबारियों को भी चिन्हित किया जा रहा है। एसआईटी जल्द ही पूछताछ करेगी।