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काशी में बाढ़ से बढ़ी दुश्वारियां: कहीं मिल रहा एक समय का खाना तो कहीं आफत में भी जारी है पढ़ाई के लिए संघर्ष

Sun, 28 Aug 2022 12:35 PM IST
किरन रौतेला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

वाराणसी में बाढ़ इस बार कई लोगों के लिए मुसीबत लेकर आई है।। सड़कों और कॉलोनियों में पानी आने के बाद बच्चाें को सबसे ज्यादा स्कूल जाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कोनिया सट्टी इलाके में पानी घुसने के बाद बच्चे बाढ़ के पानी में अपनी पढ़ाई के लिए जद्दोजहद करते हुए आने-जाने को मजबूर हैं।
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वाराणसी के नगवां इलाके में बाढ़ का हाल - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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तेजी से बढ़ रही गंगा ने अब बनारस की बस्तियों की ओर रुख कर लिया है। घरों में पानी भरने पर तटवर्ती इलाकों के लोग सामान लेकर रिश्तेदारों के घर जाने लगे हैं। वहीं कुछ परिवार मकान खाली कर छत पर झोपड़ी डालकर रह रहे हैं।
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दुश्वारियों के बीच रहने को मजबूर
कोनिया, सरैयां, पुलकोहना, सोनातालाब, बाघवानाला, सलारपुर, सरायमोहना क्षेत्र सहित कई अन्य क्षेत्रों में लोग दुश्वारियों के बीच रहने को मजबूर हैं। यहां बाढ़ के पानी में जहरीले जानवरों के घर में घुसने का डर बना हुआ है, वहीं बाढ़ में बहकर आने वाले मेरे हुए मवेशियों की दुर्गंध से बाढ़ पीड़ित परेशान हैं।

सारनाथ क्षेत्र में भी वरुणा का असर
पुरानापुल, सलारपुर, पुलकोहना क्षेत्रों में वरुणा नदी का पानी घरों में घुस गया है। यहां के लोग सामान समेट कर किराए के मकानों में शिफ्ट हो गए हैं। जो किराए पर नहीं जा सकते उन्होंने सामान दूसरे के यहां रखकर घर की छत पर अपना ठिकाना बना लिया है। सोनातालाब क्षेत्र के महावीर नगर कालोनी निवासी कुंती देवी, सीताराम समेत लगभग 40 परिवार ऐसे हैं जिनके घरों में पानी घुस चुका है। 
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वाराणसी में बाढ़ - फोटो : अमर उजाला
आफत में भी जारी है पढ़ाई के लिए संघर्ष
सड़कों और कालोनियों में पानी आने के बाद बच्चाें को सबसे ज्यादा स्कूल जाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कोनिया सट्टी इलाके में पानी घुसने के बाद बच्चे बाढ़ के पानी में अपनी पढ़ाई के लिए जद्दोजहद करते हुए आने-जाने को मजबूर हैं।

एक समय का मिल रहा खाना, मवेशी भूखे
ढेलवरिया क्षेत्र की रहने वाले दिलीप पांडेय ने बताया कि बाढ़ का पानी घरों में आने से हम अपने परिवार व जानवरों के साथ दूसरी जगह आ गए हैं, लेकिन यहां जिंदा रहना बहुत कठिन है। हमें प्रशासन की ओर से भोजन तो वितरित किया जा रहा है। लेकिन जानवरोें को खिलाना मुश्किल हो रहा है।
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वाराणसी में बाढ़ - फोटो : अमर उजाला
पीने के पानी को तरस रहे बाघवानाला के लोग
बाढ़ के कारण हैंडपंप व सबमर्सिबल से आना वाला पानी भी दूषित है। ऐसे में उन्हें बाहर से पानी की बोतल खरीदकर किसी तरह गुजारा करना पड़ रहा है। पानी बढ़ने के कारण अब यहां रहने वाले परिवार पानी को भी तरसने लगे हैं। बाघवानाला निवासी अमर सिंह व लल्लू सेठ के घर में पानी पहली मंजिल तक पहुंच चुका है। ऐसे में उन्हें पीने के पानी के लिए मशक्कत करनी पड़ रही है। 

क्रेन व रस्सियों के सहारे सीएजी स्टेशन की रखवाली
गंगा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए खिड़कियां घाट पर बने फ्लोटिंग सीएनजी स्टेशन की कपलिंग निकालकर उसे रस्सियों और क्रेन के सहारे बांधा गया है। इसके लिए खिड़कियां घाट पर तीन क्रेन भी मंगाई गई हैं।
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