अभी तक तो तीन तलाक से पीड़ित महिलाओं के मामले ही प्रकाश में आते रहे लेकिन मंगलवार को दीवानी न्यायालय में एक ऐसा पति भी सामने आया जो पत्नी के दबाव में दिए गए तीन तलाक का दंश झेल रहा है।
दहेज उत्पीड़न के मुकदमे में छत्तीसगढ़ से जमानत कराने आए पति शाहिद अली मीडिया कर्मियों के सामने फफक पड़ा। कहा कि पत्नी फ़िरदौस व उसके रिश्तेदारों के दबाव में तीन तलाक दे दिया था, लेकिन इससे उसका घर उजड़ गया। व्यवसाय चौपट हो गया ।
उसने प्रधानमंत्री व चीफ जस्टिस से तीन तलाक खत्म करने की मांग करते हुए कहा कि तीन तलाक में संभलने का मौका ही नहीं मिलता। एक झटके में संबंध खत्म हो जाता है । यह व्यवस्था बहुतों का घर उजाड़ चुकी है, इसे जल्द से जल्द खत्म किया जाए।
उसका कहना है कि पत्नी फिरदौस ने दूसरी शादी करने के लिए दबाव बनाकर उससे दिसंबर-2015 में तीन तलाक ले लिया। तलाकनामा में दोनों पक्षों व उनके परिवार वालों की उपस्थिति में पत्नी के कहने पर तीन तलाक दिए जाने का जिक्त्रस् है।
फिरदौस निवासी मोहल्ला रिजवी खां से शाहिद का निकाह 19 अप्रैल 2008 को हुआ था। उसने दहेज उत्पीड़न का मुकदमा शाहिद व ससुराल वालों पर किया है कि दो लाख रुपए की मांग को लेकर उसे मारपीट कर मायके पहुंचा दिया गया । इसी मामले में शाहिद जमानत कराने कोर्ट में आया था। कोर्ट से उसे अंतरिम जमानत मिल गई।