पितृपक्ष में वाराणसी स्थित पिशाचमोचन कुंड पर दो दिनों से पसरा सन्नाटा शुक्रवार को दूर हो गया। ब्राह्मण संगठनों की मांग और तीर्थ पुरोहितों की रोजी-रोटी पर संकट को देखते हुए राज्यमंत्री डॉ. नीलकंठ तिवारी ने इस मामले में हस्तक्षेप किया। इसके साथ ही पिशाच मोचन कुंड पर तृतीया त्रिपिंडी श्राद्ध और गंगा घाटों पर तर्पण आरंभ हो गया।
तीर्थ पुरोहित राजेश मिश्रा ने कहा कि कोविड-19 के सुरक्षा मानकों के हिसाब से सोशल डिस्टेंसिंग और सैनिटाइजेशन के साथ त्रिपिंडी श्राद्ध कराया जा रहा है। हम लोग यजमानों से अपील कर रहे हैं कि वह भी सोशल डिस्टेंस का पालन करें और मास्क लगाकर ही बाहर निकलें।
केंद्रीय देव दीपावली समिति के अध्यक्ष आचार्य वागीश दत्त मिश्र ने कहा कि महासमिति की मांग पर राज्यमंत्री डॉ. नीलकंठ तिवारी ने कहा था कि सामाजिक दूरी बनाकर परंपरा का पालन करने पर सरकार को कोई आपत्ति नहीं है। उन्होंने जिलाधिकारी से बातचीत कर घाट और कुंड पर श्राद्ध तर्पण शुरू करा दिया है। इसके लिए हम उन्हें सभी तीर्थ पुरोहितों और महासमिति की ओर से साधुवाद देते हैं।