वैदिक रीति से सम्पन्न इस अनुष्ठान का नेतृत्व समिति अध्यक्ष किशोरी रमण दूबे ने किया। घाट पर गूंजे मंत्रोच्चार के बीच उपस्थित लोगों ने शहीदों के नाम स्मरण कर उनके बलिदान को नमन किया। समिति के सभी पदाधिकारी और सदस्य इस अवसर पर मौजूद रहे और दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए सामूहिक प्रार्थना की।
अनुष्ठान के दौरान मन्जुनाथ राव, कॉर्पोरल टेज हाइलयांग, दिनेश मिरानिया, एन. रामचन्द्रन, हेमंत जोशी, अतुल मोने, संजय लेले, सुशील नथानिएल, बिटन अधिकारी, सैयद आदिल हुसैन शाह (स्थानीय गाइड), दिलीप देसले, सन्तोष जगदेले, कौस्तुभ गनबोटे, शैलेशभाई कलाठिया, यतिशभाई परमार, सुमित परमार, मनीष रंजन, सोमिसेट्टी मधुसूदन राव, सुदीप न्यौपाने (नेपाल), नीरज उद्धवानी, प्रशांत सतपथ्य, भरत भूषण, शुभम द्विवेदी, समीर गूहा, विनय नरवाल और जे.एस. चन्द्रमौली सहित सभी शहीदों के नाम लेकर उन्हें काशी से श्रद्धा-सुमन अर्पित किए गए।
समिति ने इस अवसर पर कहा कि “ये बलिदानी सिर्फ परिवार के लिए नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र की धरोहर हैं। उनका त्याग और साहस हमें सदैव प्रेरित करता रहेगा।” अंत में गंगोत्री सेवा समिति ने समाज से आह्वान किया कि हर कोई इन शोकाकुल परिवारों के साथ खड़ा हो और उन्हें हर संभव सहारा प्रदान करे।