एमओबीडी रेलवे बोर्ड ने कैंट और काशी स्टेशन का किया निरीक्षण
माई सिटी रिपोर्टर
वाराणसी। महाकुंभ में राज्य सरकार की अनुमानित साढ़े सात करोड़ की भीड़ थामने को लेकर रेलवे की तैयारियां अंतिम चरण में है। वाराणसी से प्रयागराज और अयोध्या-प्रयागराज और वाराणसी-अयोध्या के बीच ट्रेनों की त्रिकोणीय व्यवस्था बनाई गई है, जिससे यात्रियों की राह आसान होगी।
महाकुंभ आने वाले श्रद्धालुओं की आवाजाही अयोध्या और काशी के रास्ते ज्यादा होगी। इस व्यवस्था के तहत तैयारियां मुकम्मल की जा रही हैं। यह बातें रेलवे बोर्ड के सदस्य ऑपरेशन एंड बिजनेस डेवलपमेंट रविंद्र गोयल ने शुक्रवार को कैंट स्टेशन पर पत्रकारों से कहीं।
कैंट स्टेशन के निरीक्षण के क्रम में उन्होंने पावर केबिन, वॉशिंग लाइन, रेलवे ट्रैक, प्लेटफाॅर्म, स्टेशन परिसर, यार्ड री मॉडलिंग कार्य व संरक्षा प्रणाली को भी परखा। महिला स्टेशन मास्टर चंद्रमणि कुमारी की कार्यपद्धति की सराहना करते हुए नकदी देकर पुरस्कृत किया। गोयल ने बताया कि फुटफाॅल व टिकट-फ्रेट की आय से कैंट स्टेशन एनएसजी-1 कैटेगरी में शामिल हुआ है। उत्तर रेलवे जोन में वाराणसी कैंट यूपी का पहला स्टेशन है, जिसने 500 करोड़ की आय को पूरा किया है। यात्री सुविधाओं को लेकर यह फैसला लिया गया है कि लंबी दूरी की सभी ट्रेनों में कम से कम चार जनरल कोच जरूर लगे होंगे। ओडीओपी के तहत स्टाल की अवधि सीमा 3 माह तक आगे बढ़ा दी गई है। इस दौरान वह काशी स्टेशन के विस्तारीकरण कार्यों से भी रूबरू हुए। निरीक्षण में डीआरएम एसएस शर्मा, एडीआरएम लालजी चौधरी, स्टेशन निदेशक अर्पित गुप्ता मौजूद रहे।