प्रधानमंत्री नरेंद मोदी के हाथों शुभारंभ होने वाली देश की तीसरी कारपोरेट ट्रेन काशी महाकाल एक्सप्रेस का शुक्रवार की शाम कैंट रेलवे स्टेशन से ट्रायल रन होगा। प्लेटफार्म नंबर 7 से ट्रेन रवाना होगी। वाराणसी-लखनऊ रूट पर ट्रायल किया जाएगा।
कारपोरेट ट्रेन काशी-महाकाल एक्सप्रेस के लिए बुधवार देर शाम रेलवे बोर्ड ने इसका सर्कुलर जारी किया। उधर, रेलमंत्री पीयूष गोयल ने ट्वीट कर ट्रेन के समय और रूट का पोस्टर जारी किया। महाशिवरात्रि के एक दिन पूर्व 20 फरवरी से इस ट्रेन में यात्री सफर कर सकेंगे। काशी महाकाल एक्सप्रेस तीन ज्योतिर्लिगों से होकर गुजरेगी। इससे तीर्थयात्रियों को भी लाभ मिलेगा। ट्रेन वाराणसी में काशी विश्वनाथ, उज्जैन में महाकालेश्वर और इंदौर के पास ओमकारेश्वर तक पहुंचने में मदद करेगी।
बुधवार शाम उत्तर रेलवे के डीआरएम संजय त्रिपाठी और आईआरसीटीसी के मुख्य क्षेत्रीय प्रबंधक अश्विनी श्रीवास्तव कैंट रेलवे स्टेशन पहुंचे। यहां यार्ड का निरीक्षण करते हुए काशी स्टेशन तक गए और वापस आकर गूलर यार्ड में खड़ी महाकाल एक्सप्रेस की रैंक का निरीक्षण किया। बिंदुवार रिपोर्ट बनाकर कुछ खामियां 24 घंटे के अंदर दुरुस्त करने को कहा।
सप्ताह में तीन दिन चलने वाली महाकाल एक्सप्रेस काशी से इंदौर 19 घंटे में पहुंचाएगी। मंगलवार और बृहस्पतिवार को कैंट स्टेशन से दोपहर पौने तीन बजे ट्रेन चलेगी और लखनऊ, रायबरेली, कानपुर, झांसी, बीना, भोपाल, उज्जैन होते हुए सुबह 9.40 बजे इंदौर पहुंचाएगी। रविवार को महाकाल कैंट स्टेशन से अपराह्न सवा तीन बजे चलेगी और प्रयागराज, कानपुर, झांसी, बीना, भोपाल, उज्जैन होते हुए सुबह 9.40 बजे इंदौर पहुंचेगी।