सीआरएस ने लिया कार्य का जायजा, मिली कई खामियां
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बलिया से वाराणसी और जफराबाद से खेतासराय के बीच इलेक्ट्रिक इंजन का स्पीड ट्रायल किया गया। दोनो ही रेल खंड पर इलेक्ट्रिक इंजन 100 की रफ्तार से दौड़े।
आधिकारिक सूत्रों की मानें तो हाल ही में विद्युतिकृत हुए दोनो ही रेल ट्रैक इलेक्ट्रिक इंजन संचालन के लिए तैयार हैं। हालांकि सीआरएस की रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। दो से तीन दिन में रिपोर्ट आने की उम्मीद है। रिपोर्ट के आधार पर ही इलेक्ट्रिक इंजन का संचालन शुरू हो पाएगा।
बलिया रेलवे स्टेशन से शनिवार की शाम पांच बजकर 58 मिनट पर चला इलेक्ट्रिक इंजन तीन घंटे में सारनाथ पहुंच गया। हालांकि इस रूट पर इलेक्ट्रिक ट्रेन दौड़ने में अभी 10 से 15 दिन लग सकते हैं।
सीआरएस की रिपोर्ट दो से तीन दिन में आ जाएगी। उधर, जफराबाद से खेतासराय के बीच कई खामियां मिलीं हैं जिन्हें दूर करने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्य रेल संरक्षा आयुक्त शैलेश कुमार पाठक ने उन्हें तत्काल दूर करने का निर्देश दिया है। वाराणसी-बलिया रेलखंड पर विद्युतीकरण का कार्य पूरा हो गया है।
22 मार्च से शुरू हुए सीआरएस निरीक्षण के अंतिम दिन, शनिवार को सिटी स्टेशन से रेल संरक्षा आयुक्त एसके पांडेय व मंडल के वरिष्ठ अधिकारी डीजल रेल इंजन से बलिया रवाना हुए। उन्होंने निरीक्षण के दौरान कई स्थानों पर मिली कमियों को दुरुस्त कराने का निर्देश दिया। इलेक्ट्रिक ट्रेन के संचालन में अभी एक पखवारा लग सकता है।