बिहार जाने वाली गाड़ियों के जनरल, स्लीपर कोच में पैर रखने की जगह नहीं
दिल्ली, मुंबई से आने वाली कई गाड़ियों में 30 अक्तूबर तक नहीं मिलेगी सीट
माई सिटी रिपोर्टर
वाराणसी। दीपावली के बाद अब छठ पर्व पर घर लौटने के लिए यात्रियों को ट्रेनों में भीड़ का सामना करना पड़ रहा है। दिल्ली, मुंबई और अन्य शहरों से बिहार जाने वाली ट्रेनों के जनरल और स्लीपर कोच में सीट नहीं मिलने के कारण कई लोग खड़े होकर या दरवाजे पर बैठकर यात्रा कर रहे हैं। शुक्रवार दोपहर कैंट रेलवे स्टेशन पर भी यही दृश्य देखा गया।
छठ पर्व नहाय-खाय के साथ शनिवार से शुरू होगा। इस समय दिल्ली, मुंबई, सूरत, पुणे आदि शहरों से आने वाली गाड़ियों में भारी भीड़ है। दिल्ली से आने वाली स्वतंत्रता सेनानी सुपरफास्ट और श्रमजीवी एक्सप्रेस में 30 अक्तूबर तक सीटें पूरी तरह भर चुकी हैं। मुंबई से वाराणसी आने वाली 11061 एलटीटी-जयनगर और 15017 एलटीटी-गोरखपुर एक्सप्रेस में भी 30 अक्तूबर तक सीट नहीं है। अन्य गाड़ियों में 100 से अधिक वेटिंग है।
कोटा-पटना एक्सप्रेस पर भीड़
शुक्रवार दोपहर 2.30 बजे प्लेटफॉर्म नंबर नौ पर कोटा-पटना एक्सप्रेस आई। यात्रियों को स्लीपर या जनरल बोगी में सीट नहीं मिली, कई लोग खड़े हुए और कुछ दरवाजे पर बैठकर यात्रा कर रहे थे। बलिया, गाजीपुर और रांची जाने वाली गाड़ियों में भी यही स्थिति रही। कैंट रेलवे स्टेशन पर छठ के लिए होल्डिंग एरिया बनाया गया है, लेकिन महाकुंभ जैसी सुविधा नहीं है। एलईडी स्क्रीन नहीं होने के कारण यात्रियों को ट्रेन की जानकारी पूछताछ काउंटर से लेनी पड़ रही है।
वर्जन
भीड़ को देखते हुए अतिरिक्त आरपीएफ और कमर्शियल स्टाफ तैनात हैं। प्लेटफाॅर्म पर अनाउंसमेंट के माध्यम से यात्रियों से दरवाजे पर खड़े होकर यात्रा न करने और आरक्षण वाले यात्रियों को परेशान न करने की अपील की जा रही है। होल्डिंग एरिया में एक कर्मचारी भी तैनात है, जो जनरल टिकट लेने में मदद करता है। - बीके यादव, एडीआरएम, उत्तर रेलवे