रविवार को दोपहर में कैंट स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर एक पर अपेक्षाकृत कम भीड़ रही, लेकिन प्लेटफॉर्म नंबर दो-तीन, पांच और आठ पर भारी भीड़ देखने को मिली। प्लेटफॉर्म नंबर पांच पर काशी एक्सप्रेस के आने के बाद देहरादून, हावड़ा, रांची, दिल्ली आदि जगहों से आने वाली ट्रेनों से भी यात्रियों की भारी भीड़ स्टेशन पर उमड़ पड़ी। स्लीपर कोच में पहले से आरक्षित सीट पाने वालों को भी परेशानी झेलनी पड़ी, क्योंकि उनकी सीटों के सामने की जगह तक इतनी भीड़ थी कि उतरना तो दूर, खड़े होना भी मुश्किल था।
कैंट रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की भयंकर भीड़।
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महिला, दिव्यांग कोच भी फुल, टॉयलेट के पास रखकर किया सामान : कैंट स्टेशन से गुजरने वाली अधिकतर ट्रेनों के जनरल से लेकर स्लीपर कोच तक ठसाठस भरे हुए थे। एसी कोच की स्थिति अपेक्षाकृत ठीक रही, लेकिन स्लीपर और जनरल कोच में इतनी भीड़ थी कि यात्रियों को टॉयलेट तक जाने में भी भारी मशक्कत करनी पड़ी। कई लोग गेट के पास अपना सामान रखकर उसी पर बैठकर यात्रा करते दिखे। महिला और दिव्यांग यात्रियों के लिए आरक्षित कोच भी पूरी तरह भर चुके थे। ट्रेन रुकते ही जो जहां मौका मिला, वहीं से चढ़ गया और किसी तरह सफर आगे बढ़ाया।
दो दिन में बाबतपुर एयरपोर्ट पर आए 18 हजार यात्री : लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट, बाबतपुर पर पिछले दो दिनों में विभिन्न शहरों से करीब 18 हजार यात्री पहुंचे। यह संख्या सामान्य दिनों की तुलना में थोड़ी कम रही।
चलती ट्रेन में न चढ़ें लटककर यात्रा न करें
मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम), वाराणसी आशीष जैन ने यात्रियों से अपील की है कि वे रेलवे द्वारा समय-समय पर जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। उन्होंने कहा कि ट्रेन की छत या पावदान पर लटककर यात्रा करना खतरनाक और वर्जित है। उन्होंने यह भी अपील की कि यात्री चलती ट्रेन में चढ़ने या उतरने की कोशिश न करें और एक प्लेटफॉर्म से दूसरे पर जाने के लिए फुट ओवर ब्रिज का ही प्रयोग करें।
खचाखच भरा रहने वाला रोडवेज परिसर खाली रहा
कैंट रोडवेज बस स्टेशन पर भी शनिवार को यात्रियों को संख्या अपेक्षाकृत बहुत कम रही। आम दिनों में खचाखच भरे रहने वाले कैंट रोडवेज परिसर खली रहा। बसों में सीट खाली रही। रोडवेज के अधिकारियों के अनुसार बसों से कम दूरी की यात्रा करने वालों की संख्या बहुत ज्यादा रहती है। ऐसे में दूर से आने वाले ट्रेनों से आ चुके हैं और आसपास के लोग धनतेरस पर ही घर आ चुके हैं। अब छठ के दौरान बसों में यात्रियों की संख्या बढ़ेगी।