ट्रेन के रास्ते में बंद हो जाने और एसी के ठप होने से परेशान यात्रियों ने जमकर हंगामा किया। अधिकारियों के समझाने-बुझाने पर वे माने। वंदे भारत एक्सप्रेस की समस्या दूर होने तक अधिकारियों के माथे पर बल पड़ा रहा। ट्रेन में 1050 यात्री सवार थे। ट्रेन की समस्या को ढूढ़ने में टीम को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।
ट्रेन में तकनीकी दिक्कत का पता न चलने की स्थिति में उसे निरस्त करने और विशेष ट्रेन से यात्रियों को भेजने के विकल्प पर भी विचार शुरू हो गया था। हालांकि बाद में ट्रेन की समस्या दूर कर ली गई। स्टेशन निदेशक आनंद मोहन सिंह ने बताया कि समस्या को दूर कर ट्रेन को चला दिया गया है। रात 12 बजे तक नई दिल्ली पहुचंने की उम्मीद है।
जगह-जगह काशन के चलते देरी से आई ट्रेन :
हरदत्तपुर से कछवां रोड के बीच चल रहे इंटरलॉकिंग कार्य की वजह से नई दिल्ली-वाराणसी वंदे भारत निर्धारित समय दोपहर दो बजे के बजाय 2:40 पर कैंट रेलवे स्टेशन पहुंची। इसको लेकर यात्रियों को लंबा इंतजार करना पड़ा। इतना ही नहीं रेल लाइन कार्य के चतले डायवर्ट की गई वंदे भारत एक्सप्रेस की लोकेशन ऑनलाइन नहीं मिल पा रही थी। इसको लेकर ट्रेन को निरस्त किए जाने की अफवाह फैल गई। बाद में एनाउंस और पूछताछ काउंटर से यात्रियों को सही सूचना दी गई।
सिस्टम नया होने के चलते आ रही समस्या :
वंदे भारत एक्सप्रेस की तकनीकी संरचना अन्य ट्रेनों से अलग होने के चलते आए दिन टेक्निकल टीम के सामने समस्या पैदा हो जा रही है। ट्रेन में फाल्ट आ जाने के बाद इसे खोजने में सामान्य से ज्यादा वक्त लग जा रहा है। कुछ दिन पहले लगातार एसी फेल होने की घटनाएं हुईं, जिसे दूर करने के लिए तकनीकी टीम को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। वहीं वंदे भारत एक्सप्रेस में भी निजी कंपनी से अनुबंध के तहत टेक्निकल टीम चलती है पर रेलवे की टेक्निकल टीम ही कई बार काम आई है।