पंजाब के अमृतसर में शुक्रवार की शाम हुए हादसे में 61 लोगों की जान चली गई। इस हादसे में यूपी के पूर्वांचल के चार लोगों की मौत हो गई। मृतकों में आजमगढ़ के दो और गाजीपुर के दो लोग शामिल हैं। इनकी मौत की सूचना शिनाख्त होने पर देर रात को रिश्तेदारों के जरिए दी गई।
जब मृतकों के परिजनों को हादसे की सूचना मिली तो कोहराम मच गया। शनिवार की शाम तक इनके घर कोई भी प्रशासनिक अधिकारी या कर्मचारी नहीं पहुंचा था। इससे परिवार सहित गांव के लोगों में आक्रोश है।
आजमगढ़ जिले के कंधरापुर थाना क्षेत्र के सवरुपुर खुटौली गांव निवासी बृजभान राम (20) और तहबरपुर थाने के रैसिंगपुर गांव निवासी राममिलन निषाद (24) दोनों रिश्तेदार के यहां रहकर नौकरी करते थे।
तहबरपुर थाने के रैसिंगपुर गांव निवासी राममिलन निषाद (24) पुत्र फेंकू तीन भाईयों में दूसरे नंबर पर था। वह दो वर्ष के बेटे का पिता था। उसकी पत्नी कविता गर्भवती है। राममिलन की मौसी अपने परिवार के साथ अमृतसर में रहती है।
अच्छी आमदनी के लिए अमृतसर गया था
ट्रेन हादसा
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वहीं पर रहकर राममिलन पेंटिंग का काम करता था। दीपावली से पहले लोग घरों की पेंटिंग कराते हैं। इसलिए अच्छी आमदनी के लिए राममिलन सात अक्तूबर को घर से अमृतसर के लिए निकला हुआ था।
वहीं कंधरापुर थाना क्षेत्र के सवरुपुर खुटौली गांव निवासी बृजभान राम (20) पुत्र रामचंद्र चार भाईयों में छोटा था। वह अमृतसर में रहकर किसी प्राइवेट कंपनी में काम करता था। करीब दो माह पूर्व बृजभान घर से अमृतसर गया हुआ था। हादसे में मरने वालों के परिवारीजनों के मुताबिक विजया दशमी के दिन कंपनी बंद थी।
ऐसे में वह शाम को घूमने के लिए निकला और अन्य लोगों के साथ अमृतसर रेलवे ट्रैक पर खड़े होकर रावण दहन देख रहे था। इस दौरान ट्रेन आ जाने से कईयों की मौत हो गई। देर रात को इनके रिश्तेदारों ने पहचान कर इनके मरने की सूचना घर वालों को दी।
भतीजा-भतीजी के साथ मेला देखने गया था प्रदीप
परिजनों में मायूसी
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गाजीपुर के करीमुद्दीनपुर थाना क्षेत्र के बगेन गांव के प्रदीप सिंह कुशवाहा (22) तथा उसके भतीजे सार्थक (4) की ट्रेन हादसे में मौत हो गई। इस घटना में भतीजी काजल (7) गंभीर रुप से घायल है, उसका इलाज वहीं अस्पताल में चल रहा है। इस घटना ने पूरे परिवार को हिलाकर रख दिया है।
प्रदीप की शादी की बात चल रही थी तथा इसी माह लड़की देखने तथा सगाई की रस्म भी होनी थी। इस हादसे के बाद पूरे घर में कोहराम मचा हुआ है। उसके पिता शिवकुमार तथा माता दुलरिया देवी के आंसू रुक नहीं रहे हैं।
बगेन गांव के शिवकुमार कुशवाहा के दो पुत्रों में प्रदीप छोटा था। वह काफी हंसमुख और मिलनसार स्वभाव का था। उसका बड़ा भाई रामविलास अमृतसर के पास सब्जी का व्यवसाय करता है। वह भी उनका हाथ बंटाता था।
जिला प्रशासन को जानकारी नहीं
घर में पसरा मातम
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अभी हाल ही में वह गांव से गया था। उसकी भाभी को बेटा हुआ था और वह खुश होकर यहां से सगुन आदि का सामान लेकर गया था। दशहरा के दिन वह अपने बड़े भतीजे सार्थक और काजल को लेकर रावण दहन तथा मेला दिखाने ले गया था। तभी वह रेलगाड़ी की चपेट में आ गया।
देर रात यह खबर जब रामविलास ने फोन पर दी तो परिजन दहाड़े मारकर गिर पड़े। कुछ ही देर में यह खबर पूरे गांव में फैल गई। जानकारी मिलने के बाद उसकी दोनों बहनें मुन्नी तथा सुनीता कुशवाहा भी अपने-अपने ससुराल से आ गईं।
इस मामले में जिला प्रशासन ने किसी भी अधिकृत जानकारी से इंकार कर दिया। एसपी यशवीर सिंह ने बताया कि रेल हादसे में गाजीपुर के किसी व्यक्ति के मृत होने की अभी कोई जानकारी नहीं मिली है।