दशाश्वमेध घाट पर दो नावों के टकराने से हंसा बेन के हाथ का ऊपरी हिस्सा पूरी तरह कट गया। इस दौरान खून अधिक निकल रहा था, जिसे देखकर वह घबरा गई। उधर, बगल में नाव पर बैठे लोगों ने शोर मचाया तो वहां मौजूद अन्य लोग भी आ गए। हंसा बेन को घाट से किसी तरह सड़क पर लाया गया। सूचना मिलने के बाद कुछ ही समय में 108 नंबर की एंबुलेंस भी पहुंच गई। यहां से हंसा बेन को स्ट्रेचर पर लिटाकर मंडलीय अस्पताल ले जाया गया।
फिर कबीरचौरा मंडलीय अस्पताल ले जाया गया। इस दौरान महिला के हाथ से खून लगातार बहता रहा। कबीरचौरा अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद हंसा बेन को बीएचयू ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया गया। उनके साथ आए परिजनों ने कहा कि यदि घाट पर एंबुलेंस की व्यवस्था रहती तो शायद उन्हें जल्दी अस्पताल पहुंचाया जा सकता था।
बुजुर्ग महिला के रिश्तेदारों का आरोप है कि नावों के टकराने व हंसा का हाथ कटने के बाद तत्काल मदद नहीं मिल सकी। जल पुलिस या फिर उसकी एंबुलेंस समय से नहीं आ सकी, इसलिए सरकारी एंबुलेंस बुलानी पड़ी है। हंसा को किसी तरह घाट से मुख्य सड़क तक लाया गया, फिर एंबुलेंस की मदद से अस्पताल पहुंचाया गया।
गंगा में दो नावों के टकराने की यह कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी लापरवाही की वजह से कई हादसे हो चुके हैं। 26 नवंबर 2022 को 34 दक्षिण भारतीयों से भरी नाव में नीचे से पानी भर गया था। अहिल्याबाई घाट के सामने घटी इस घटना से अफरा तफरी मची रही। घटना में दो लोगों को गंभीर चोटें आई थीं। इसी तरह 30 दिसंबर को दशाश्वमेध घाट पर दो नावें टकरा गई थीं। इसमें नाव सवार एक पर्यटक के पैर में चोट लगी थी। इसके बावजूद सतर्कता नहीं बरती जा रही है।
पुलिस की ओर से नाव संचालकों के खिलाफ कार्रवाई की जाती है। दुर्घटना से बचाव के लिए ही नावों पर चमकने वाले पेंट लगवाए गए हैं। नाव पर निर्धारित लाइन बनी है। सतर्कता के लिहाज से जल्द ही बैठक बुलाई जाएगी। पुलिस के साथ मिलकर अभियान चलाया जाएगा। नियम-मानकों की अनदेखी पर नाव संचालन का लाइसेंस निरस्त किया जाएगा। ऐसा पहले किया जा चुका है। -- राजीव कुमार राय, अपर नगर आयुक्त, नगर निगम वाराणसी