तीन लोगों की माैत के बाद बिलखते परिजन।
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मनोज तीन भाइयों में सबसे छोटा था और टाइल्स मिस्त्री का काम करता था। उसकी शादी नहीं हुई थी। वह अपने भाई विकास चौहान की अपाचे बाइक लेकर घर लौट रहा था। हादसे की सूचना मिलते ही नरायनपुर पुलिस मौके पर पहुंची। बाइक के आधार पर पट्टी कलां के ग्राम प्रधान से संपर्क कर ग्रामीणों को सूचना दी गई।
पुलिस ने मृतकों के पिता रमेश चंद्र चौहान की तहरीर पर आवश्यक कार्रवाई की। इसके बाद तीनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। पुलिस अज्ञात वाहन और उसके चालक का पता लगाने में जुटी है।
उधर, स्थानीय लोगों ने सड़क की बदहाली पर नाराजगी जताई। उनका कहना है कि नरायनपुर तिराहे से पुलिस चौकी तक करीब एक किलोमीटर सड़क लंबे समय से जर्जर है। सड़क पर गड्ढे और पटरी नहीं होने के कारण आए दिन दुर्घटनाएं होती हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि शिकायतों के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी केवल गिट्टी डलवाकर औपचारिकता पूरी कर लेते हैं। लोगों ने सड़क की मरम्मत कराने और हादसों पर रोक लगाने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है।