मगर, दीपावली से पहले रिंग रोड-2 के साथ ही कालिका धाम पुल के शुरू होने से भारी वाहन शहर के बाहर से ही निकल जाएंगे। ऐसे में शहर में भारी वाहनों की संख्या काफी कम हो जाएगी। इसके अलावा सलारपुर कोनिया के पुल पर यातायात संचालन होने से ढाब क्षेत्र के दीनापुर सरैया, जाल्हुपुर, मुस्तफाबाद सहित करीब 30 से ज्यादा गांवों के लोगों की शहर से दूरी कम हो जाएगी।
फिलहाल इन गांवों के लोग बलुआ घाट से आशापुर होते हुए शहर में प्रवेश करते हैं। जबकि इस पुल से बनने से वे सीधे कज्जाकपुरा पहुंचेंगे। यहां से वाराणसी के साथ ही उनका चंदौली का सफर भी आसान होगा।
वाराणसी में लगा लंबा जाम।
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शहर की सड़कों पर यातायात का दबाव कम होने के साथ ही प्रदूषण से भी राहत मिलेगी। कारण, भारी वाहनों के संचालन से शहर के रिहायशी इलाके में ध्वनि प्रदूषण बड़ी समस्या बनी है। रिहायशी इलाकों से वाहनों के संचालन से सड़क किनारे रहने वालों को दिक्कत होती है। इसके अलावा वाहनों के संचालन से धूल की समस्या बनी रहती है। भारी वाहनों की संख्या घटने से लोगों को भी राहत होगी।