यातायात पुलिस और स्थानीय थाने के पुलिसकर्मियों ने यातायात संचालन सुगम बनाने को लेकर कड़ी मशक्कत की। उधर, रामापुरा चौराहा, गोदौलिया और गिरजाघर चौराहे पर भी शाम से लेकर रात तक यातायात जाम लगा रहा।
गिरजाघर के बाहर उमड़ी भीड़
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जब से प्यारा यीशु आया, मेरा जीवन बदल गया... की धुन पर मसीही समुदाय के सबसे बड़े पर्व क्रिसमस की खुशियों के रंग फिजा में बिखर गए। उत्साह और उल्लास के साथ लोगों ने पर्व मनाया। कड़ाके की ठंड के बीच आधी रात को प्रभु यीशु के जन्म के साथ ही खुशियों का जो दौर शुरू हुआ, वह दिन चढ़ने के साथ ही चटक होता गया।
शहर से लेकर गांवों तक क्रिसमस की खुशियों के रंग छाए रहे। नए कपड़े में सजे-धजे बच्चे और बड़ों ने एक दूसरे को क्रिसमस की बधाईयां दीं। रविवार की सुबह गिरजाघरों में सुबह प्रभु यीशु और मदर मेरी की आराधना हुई। मसीही समुदाय ने गिरजाघरों में प्रार्थना के साथ आस्था के पर्व की शुरुआत की। समुदाय के लोगों ने प्रभु यीशु को मोमबत्ती जलाकर नमन किया। चर्च में प्रभु यीशु के संदेश गूंज उठे। गिरजाघरों में पुरोहितों और पादरियों ने विशेष प्रार्थनाएं कराईं। सेंट मेरिज महागिरजाघर का नजारा हर किसी के लिए आकर्षण का केंद्र रहा।
सेंट थॉमस चर्च में पादरी न्यूटन स्टीवंस ने प्रार्थना कराई। वहीं सेंट पॉल चर्च में क्रिसमस मिलन का आयोजन किया गया, जिसमें पादरी सैम जोशुआ ने प्रार्थना कराई। इसके बाद सभी ने एक दूसरे को गले मिलकर बधाई दी और एक साथ लंच किया। सीएनआई चर्च तेलियाबाग, रामकटोरा, चर्च ऑफ बनारस, बेथेलफुल गॉस्पल चर्च समेत शहर के सभी चर्चों में प्रार्थनाएं हुई। वहीं सिगरा, महमूरगंज, ककरमत्ता, डीरेका व बीएचयू स्थित मसीही कॉलोनियों का नजारा देखते ही बना।