वाराणसी शहर के 15 प्रमुख चौराहों पर न तो जेब्रा क्रॉसिंग है न ही स्टॉप लाइन। इस वजह से यातायात नियमों को तोड़ने वाले 2500 वाहन चालकों का रोजाना चालान नहीं कट पा रहा है। यातायात नियमों का पालन कराने में भी परेशानी हो रही है। इससे जाम की समस्या भी गहरा गई है। यातायात पुलिस ने करीब 12 बार पीडब्ल्यूडी और नगर निगम को पत्र लिखा है। इसके जरिये जेब्रा क्रॉसिंग बनवाने सहित सभी जरूरी मानक पूरा कराने की अपील की लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
मंडुवाडीह, रथयात्रा, मलदहिया सहित शहर के सभी प्रमुख चौराहों पर आए दिन जाम लगता है। यातायात पुलिस के मुताबिक रोजाना पांच से छह लाख चालक सही स्थान पर चारपहिया या फिर दोपहिया वाहन नहीं रोकते हैं। इसकी प्रमुख वजह जेब्रा क्रॉसिंग न होना है। लिहाजा, चालक निर्धारित जगह से आगे निकल जाते हैं। इससे जाम की समस्या विकट हो जाती है। पैदल चलने वाले राहगीरों को भी दिक्कत होती है।
यातायात पुलिस काशी के एकीकृत कमांड एंड कंट्रोल सेंटर के जरिये रोजाना चौराहों और वाहनों पर नजर रखती है। डराकर नियमों के पालन का प्रयास किया जाता है, लेकिन जेब्रा क्रॉसिंग और स्टॉप लाइन न होने से दिक्कत बढ़ती है।
ये हैं तिराहे और चौराहे
चौकाघाट, अंधा मोड़, मरीमाता, मलदहिया, साजन सिनेमा तिराहा, सिगरा, रथयात्रा, चेतमणि,पद्मश्री, बीएचयू, मंडुवाडीह, लहरतारा, आकाशवाणी, गोलगड्डा, कालीमाता मंदिर, पांडेयपुर, रविंद्रपुरी, भिखारीपुर, मुड़ैला और चांदपुर
क्या कहते हैं अधिकारी
स्टॉप लाइन और जेब्रा क्रॉसिंग बनवाने के लिए तकरीबन 12 बार नगर निगम और पीडब्ल्यूडी को लेटर लिखा जा चुका है। इसके बाद भी नगर निगम और पीडब्ल्यूडी इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है।
- राजेश कुमार पांडेय, एडीसीपी ट्रैफिक, वाराणसी