एथनिक स्पोर्ट्स कल्चरल फेस्टिवल को नवंबर में कराने की तैयारी
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भारत की सांस्कृतिक राजधानी काशी अब एशिया के पारंपरिक खेलों की गवाह बनने जा रही है। गंगा की रेती पर पारंपरिक खेलों के महाकुंभ की तैयारी की जा रही है। इसके तहत एशिया के 14 से अधिक देशों के एथनिक स्पोर्ट्स कल्चरल फेस्टिवल को काशी में गंगा की रेती पर नवंबर में कराने की योजना है।
वर्ल्ड एथनोस्पोर्ट्स और यूनेस्को के साथ मिलकर यह तैयारी की जा रही है। काशी में अगले माह होने वाली पारंपरिक खेलों की कांफ्रेंस में इसका पूरा मसौदा तैयार किया जाएगा। एशिया के पारंपरिक खेलों को संजीवनी देने और उन्हें जीवंत करने के लिए यूनेस्को और वर्ल्ड एथनोस्पोर्ट्स आगे आया है।
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पारंपरिक खेलों के महाकुंभ की शुरूआत काशी से करने की तैयारी की जा रही है। इसमें सेंट्रल एशिया, साउथ ईस्ट और साउथ एशिया के लगभग 14 से अधिक देशों को एक साथ लाने की तैयारी है।
इसमें जहां भारत के जोड़ी गदा, मलखंभ, गुल्ली डंडा, मुठ्ठी फाइटिंग, तुर्की की कुश्ती, सिंगापुर का मैनकाला, फिलीपींस का सुंगका, थाईलैंड का पोल क्लाइंबिंग, लुक हिन, इंडोनेशिया का गरुण और सेंट्रल एशिया का पारंपरिक खेल भी देखने को मिलेगा।
यूनेस्को वर्तमान में विश्व के पारंपरिक खेलों को सहेजने की पहल कर रहा है। इसके तहत एथनिक स्पोर्ट्स कल्चरल फेस्टिवल का आयोजन एक बड़ा कदम है।