काशी में देश-विदेश से आने वाले पर्यटक रात में भी नौका विहार का आनंद उठा सकेंगे। इतना ही नही गंगा, घाटों के साथ-साथ प्राचीन नगरी काशी की गलियों में किसी भी समय घूम सकेंगे।
मंगलवार को जब केंद्रीय पर्यटन राज्यमंत्री केजे अल्फोंस ने जिला प्रशासन और पर्यटन सहित प्रबुद्ध जनों की बैठक ली तो उन्होंने रात में गंगा में नौका विहार न होने की जानकारी पर आश्चर्य जताया।
उन्होंने कहा कि अगर किसी पर्यटक का मन रात में घाट घूमने या नौकाविहार का करे तो वह क्या करेगा? उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों से सवाल किया कि कोई ऐसा निर्देश है, जिसमें रात में यह सब करने पर रोक लगाई गई हो तो दिखाएं। उन्होंने कहा कि यह शहर 24 घंटे जागता है।
अगर किसी पर्यटक की मर्जी रात को 12 बजे घाट घूमने की हुई तो वह क्या करेगा। इस बीच अधिकारियों द्वारा सुरक्षा और मोटर बोट का हवाला दिया गया। पर्यटन कार्यालय की निष्क्रियता पर नाराजगी जताई और अधिकारियों को सकरात्मक होने का निर्देश दिया।
केंद्रीय राज्य मंत्री ने वाराणसी में पर्यटकों की संख्या पांच लाख प्रतिवर्ष से बढ़ाकर 10 लाख करने का लक्ष्य दिया। उन्होंने वाराणसी के धार्मिक पर्यटन स्थलों के साथ ऐतिहासिक महत्व के स्थलों को भी पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने को कहा। क्रूज संचालन में बाधा बन रही कछुआ सैंक्चुअरी को शिफ्ट करने का निर्देश दिया।
घाटों की सफाई को भी गंभीरता से लिया
केंद्रीय पर्यटन राज्यमंत्री केजे अल्फोंस
- फोटो : अमर उजाला
मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल ने वाराणसी में केन्द्रीय एवं राज्य सरकार की संचालित एवं निर्माणाधीन सड़क, पुल आदि विकास परियोजनाओं की जानकारी दी। केंद्रीय राज्यमंत्री केजे अल्फोंस ने जिला प्रशासन को निर्देश दिया कि पर्यटकों की सुरक्षा में जो भी दिक्कतें आ रही हैं उससे अवगत कराएं।
पर्यटक पुलिस और जल पुलिस की आवश्यकता से जुड़ा प्रपोजल बनाकर भेजें। पर्यटन के लिए जो भी जरूरी होगा, वह सब किया जायेगा। पर्यटन एजेंसियां और टूरिस्ट गाइड सहित अन्य संस्थाएं रात में भी घाट और गंगा में भ्रमण का रास्ता जल्द साफ होने की संभावनाओं को लेकर खासा उत्साहित नजर आए।
पर्यटन राज्यमंत्री ने घाटों की सफाई को भी गंभीरता से लिया और हर स्थिति में गंगा में नालों को गिरने से रोकने का निर्देश दिया। कहा कि गंगा से लोगों की भावनाओं से ही नही बल्कि आजीविका से जुड़ी हैं। अवैध गाइड पर लगाम कसने का निर्देश दिया।
बैठक में पर्यटन विकास और सुविधाओं को लेकर विस्तार से चर्चा हुई और कई महत्वपूर्ण सुझाव आए। कछुआ सेंक्चुयरी को शिफ्ट किये जाने व गंगा पार रेती के विकास को लेकर भी चर्चा हुई।