वाराणसी। काशी में पर्यटन विकास की संभावनाएं व वर्तमान में आ रही परेशानियों को लेकर शुक्रवार को पर्यटन उद्योग से जुड़े कारोबारियों व उद्यमियों ने मंथन किया। टूरिज्म वेलफेयर एसोसिएशन वाराणसी की ओर से पीडब्ल्यूडी रोड स्थित एक होटल में हुुई बैठक के दौरान विदेशी पर्यटकों की घटती संख्या पर चिंता जताई गई। इसकी वजह पर चर्चा करते हुए काशी में विलेज टूरिज्म को बढ़ावा देने का सुझाव भी रखा। तय हुआ कि जल्द ही एक टीम गठित कर माडल गांवों को टूरिस्ट सर्किट से जोड़ा जाएगा। काशी की पहचान हस्तकला का लाभ एक जीआई टूरिस्ट सर्किट बना कर लिया जा सकता है।
वाराणसी-लखनऊ-आगरा का 6-7 दिन का एक विशेष ट्रेवल पैकेज बनाकर यूपी गोल्डन ट्रैंगल के नाम से प्रचलित करने का सुझाव भी रखा गया और सदस्यों ने दिल्ली सहित अन्य शहरों में टूर ऑपरेटरों को पैकेज भेजने की बात पर सहमति बनी।
टूरिज्म वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष राहुल मेहता ने कहा कि विदेशी पर्यटकों में गिरावट का मुख्य कारण काठमांडू-वाराणसी की महत्वपूर्ण फ्लाइट का न चलना व आज भी वाराणसी-आगरा की डायरेक्ट कनेक्टिविटी न होना है। काठमांडू की डायरेक्ट फ्लाइट व आगरा-वाराणसी के बीच तेजस एक्सप्रेस ट्रेन चलाई जाए।
महासचिव प्रदीप राय ने कहा कि काशी में पर्यटकों को एक रात की जगह दो या तीन रात ठहरने के लिये अन्य टूरिस्ट स्पॉट्स भी होने चाहिए। बैठक में ट्रेवल एंड टूर के पंकज सिंह, अंकित मिश्रा, विवेक सिंह, अमित शुक्ला, प्रदीप डेनियल, जीतेंद्र सिंह, रेहान खान, देवेश अग्रवाल, मदन विश्वकर्मा आदि मौजूद रहे। संचालन उपाध्यक्ष शैलेंद्र सिंह व धन्यवाद ज्ञापित संयुक्त सचिव संतोष सिंह ने किया।