वाराणसी के आठ विधानसभा सीटों के लिए दाखिल नामांकन पत्रों की जांच में शुक्रवार को 17 पर्चे अवैध पाए गए। उत्तरी विधानसभा में सबसे ज्यादा छह नामांकन पत्र निरस्त किए गए।
आठों विधानसभा सीट से कुल 153 उम्मीदवारों ने नामांकन किया था। 17 पर्चे खारिज होने के बाद 136 उम्मीदवार मैदान में हैं। 20 फरवरी को नाम वापसी के बाद प्रत्याशियों की फाइनल सूची जारी की जाएगी। 20 फरवरी को ही प्रत्याशियों को चुनाव चिह्न आवंटित किया जाएगा।
खारिज किए गए नामांकन में शहर उत्तरी से पीएम मोदी के हमशक्ल आरपीआई उम्मीदवार अभिनंदन पाठक और सूरत जेल में बंद आसाराम बापू के पुत्र नारायण साई की पार्टी ओजस्वी पार्टी के प्रत्याशी के भी हैं।
अभिनंदन ने अपने गृह जनपद सहारनपुर की मतदाता सूची की प्रमाणिक प्रति नहीं लगाई थी। सहारनपुर की मतदाता सूची में उनका नाम है। साथ ही प्रस्तावकों के मतदाता भाग के कालम में विधानसभा की संख्या का उल्लेख किया था।
अरविंद सिंह चट्टान को पूर्व में ही आयोग्य घोषित करने की वजह से पर्चा खारिज कर दिया गया। पूर्व में चुनाव लड़ने के दौरान आयोग ने उनसे कुछ सूचनाएं मांगी थी लेकिन उन्होंने नहीं दी।
इसके मद्देनजर उन्हें पूर्व में ही चुनाव लड़ने के लिए आयोग्य घोषित किया गया था। अन्य मामलों में ज्यादातर के पर्चे दस प्रस्तावक न होने के चलते खारिज किए गए। कुछ के बैंक खातों के बारे में पूरी जानकारी नहीं दी गई थी।
नामांकन पत्रों की जांच के बाद पिंडरा से 12, अजगरा से 14, शिवपुर से 18, रोहनिया से 13, उत्तरी से 18, दक्षिणी से 18, कैंट से 26 तथा सेवापुरी से 17 नामांकन पत्र वैध पाए गए।