हॉकी इंडिया ने शुक्रवार को टोक्यो ओलिंपिक के लिए 16 सदस्यीय पुरुष टीम का एलान कर दिया। टीम में अनुभवी और नए खिलाड़ियों का मिश्रण है। बनारस के ललित उपाध्याय को ओलंपिक जाने वाली टीम में पहली बार जगह दी गई है। टीम में 10 ऐसे खिलाड़ी शामिल हैं जो पहली बार ओलिंपिक में खेलेंगे, वहीं छह अनुभवी खिलाड़ी भी हैं।
ललित के चयन से वाराणसी के खिलाड़ियों में खुशी की लहर है। अमर उजाला से बातचीत में ललित उपाध्याय ने बताया कि वह ओलंपिक में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने कहा ,‘उन्हें पता है कि ओलंपिक में देश का प्रतिनिधित्व करने के क्या मायने होते हैं। अब हम उसी जोश के साथ अभ्यास करते रहेंगे और एक इकाई के रूप में टोक्यो में देश का नाम रोशन करेंगे।
भारतीय टीम पूल ए में जिसमें उसके साथ मौजूदा चैंपियन अर्जेंटीना मौजूद है। इसके अलावा इस ग्रुप में ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, स्पेन और मेजबान जापान भी शामिल है। शिवपुर क्षेत्र के छोटे से गांव भगवानपुर से निकले ललित ने यूपी कॉलेज में परमानंद मिश्रा से हॉकी की एबीसीडी सीखी और अब तक 200 से अधिक अंतरराष्ट्रीय मैच खेल चुके हैं।
भारतीय हॉकी टीम में काशी के ललित उपाध्याय
- फोटो : अमर उजाला
भारतीय हॉकी टीम में काशी के ललित उपाध्याय सेंटर फॉरवर्ड खिलाड़ी हैं। विश्व चैंपियनशिप, एशियन चैंपियनशिप सहित इसी वर्ष चार से पांच अंतरराष्ट्रीय मैचों में हिस्सा ले चुके ललित उपाध्याय ने बताया कि दुनिया भर के सभी टूर्नामेंट खेल चुका था। बस ओलंपिक बचा हुआ था। पहली बार चयन होने पर उत्साहित हैं।
ललित मौजूदा वक्त में बंगलौर में अभ्यास कर रहे है। उनके गांव भगवानपुर में उनकी मां रीता और पिता सतीश उपाध्याय ने बताया उनके दो बेटों में ललित छोटा है। जबकि बड़ा बेटा अमित प्रयागराज में नौकरी करता है। छोटे बेटे के पहली बार ओलंपिक के लिए चयन होने पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि हम सबकी दुआ है कि काशी का लाल बेहतर प्रदर्शन कर लौटे।
दो हॉकी विश्व कप में खेल चुके हैं ललित
ओलंपियन मोहम्मद शाहिद, विवेक सिंह(दोनो स्वर्गीय) और राहुल सिंह ने देश दुनिया में बनारस का नाम रोशन किया। उसी कड़ी को आगे बढ़ाते हुए दो हॉकी विश्व कप में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके ललित उपाध्याय अब टोक्यो ओलंपिक में अपना जलवा बिखेरेंगे। ललित ने बताया कि जिस तरह से वाराणसी और उत्तर प्रदेश में हॉकी का विकास हो रहा है, निश्चय ही अगले कुछ दिनों में यहां से और अंतरराष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी निकलेंगे।
उनका कहना है कि कभी इस बात को मन में न आने दे कि वे छोटे से शहर से हैं और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नहीं खेल सकते हैं। बस खेल, शारीरिक और मानसिक फिटनेस पर अपना ध्यान रखना चाहिए। सफलता का कोई शार्ट कट नहीं होता है। खेल का पूरा आनंद उठाना चाहिए जब आपको खेलने में खुशी होगी तो प्रदर्शन अपने आप बेहतरीन होगा।