बाबतपुर एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बातचीत के दौरान ललित ने कहा कि इससे ज्यादा खुशी कभी नही मिल सकती कि जब शहर भर के लोग आपके स्वागत के लिए आएं हों। ओलंपिक में जीत पर कहा कि उन्होंने कहा कि सब भोलेबाबा की कृपा है। अग्रजों, माता-पिता और गुरुजनों का आशीर्वाद है। कोच परमानंद मिश्रा जी का सहयोग रहा। सबसे बड़ी बात यह है कि बनारस में हॉकी फिर से जिंदा हो गई। इससे बढ़कर और क्या हो सकता है। यह क्षण हमारे और देश के लिए और गर्व की बात है। जब कोई टीम देश का प्रतिनिधित्व करती है और उसे विश्व स्तर पर पदक या ट्राफी मिलता है ।
घर पहुंचे ललित की मां ने उतारी आरती
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आठ महीने बाद इतनी बड़ी उपलब्धि हासिल ललित अपने घर पहुंचे तो मां रीता सहित अन्य महिलाओं ने आरती उतर कर स्वागत किया। इस दौरान मां की आंखें भर आईं। मां ने कहा कि चंदन तिलक व आरती करके बेटे के ऊपर से दुनियाभर की नजर उतारी। कहा कि रात के भोजन में जो फरमाइश होगी, वहीं व्यंजन तैयार किया जाएगा। ललित के आगमन से पहले शिवपुर स्थित घर पर प्रयागराज से बड़े भाई अमित सपरिवार पहुंच गए थे। वहीं नाते रिश्तेदार भी ललित के स्वागत के लिए पहुंचे हैं। ललित के गांव में उत्सव जैसा नजारा है।