पीएम नरेंद्र मोदी पहले ही शिवपाल सिंह पर विश्वास जता चुके हैं। उन्होंने 27 जून को ‘मन की बात’ कार्यक्रम में शिवपाल सिंह को सराहा था। कहा था कि शिवपाल का पूरा परिवार ही इसी खेल से जुड़ा है। उनके पिता, चाचा और भाई सभी भाला फेंकने में दक्ष हैं। परिवार की यही परंपरा उनके लिए टोक्यो ओलंपिक में जीत दिलाएगी।
शिवपाल के पिता रामाश्रय सिंह भी भाला फेंकते थे। वे पीएसी में हेड कांस्टेबल हैं। चाचा जगमोहन सिंह नेवी में जेवलिन थ्रोवर के ही कोच व छोटे भाई नंदकिशोर सिंह भी जेवलिन थ्रो के खिलाड़ी हैं। चाचा ने ही शिवपाल की खेल के प्रति लगन देख कर 13 साल की उम्र में प्रशिक्षण देना शुरू किया था। खेल के बल पर ही वर्ष 2013 में एयरफोर्स में नौकरी मिली। शिवपाल सिंह ने दक्षिण एशियाई खेलों में काठमांडू में 84 मीटर व एशियन चैंपियनशिप में 86.48 मीटर भाला फेंकने में रजत पदक हासिल किया था।